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महाराष्ट्र भूमिताजा खबरगुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर सरकार का विशेष जोर, जल्द आएंगे नए कानून: स्कूली शिक्षा मंत्री दादाजी भूसे
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर सरकार का विशेष जोर, जल्द आएंगे नए कानून: स्कूली शिक्षा मंत्री दादाजी भूसे

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर सरकार का विशेष जोर, जल्द आएंगे नए कानून: स्कूली शिक्षा मंत्री दादाजी भूसे

महाराष्ट्र भूमि | मुंबई

महाराष्ट्र में पूर्व-प्राथमिक शिक्षा, निजी कोचिंग क्लास, स्कूलों के बुनियादी ढांचे, शिक्षक प्रशिक्षण और शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक नीतिगत सुधार लागू किए जा रहे हैं। इन सुधारों को कानूनी अमलीजामा पहनाने के लिए आवश्यक कानून और नियमावली जल्द ही विधानमंडल के पटल पर रखी जाएगी। यह महत्वपूर्ण जानकारी राज्य के स्कूली शिक्षा मंत्री दादाजी भूसे ने विधान परिषद में दी। वे विधान परिषद के नियम २६० के तहत लाए गए प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे।

➤ प्री-स्कूल और कोचिंग क्लास के लिए कड़े नियम
स्कूली शिक्षा मंत्री दादाजी भूसे ने बताया कि ३ से ६ वर्ष के बच्चों को पूर्व-प्राथमिक शिक्षा देने वाले सभी निजी केंद्रों को अब शिक्षा विभाग के ‘प्री-स्कूल रजिस्ट्रेशन पोर्टल’ पर पंजीकृत होना अनिवार्य कर दिया गया है। इस प्रक्रिया के तहत अब तक राज्य के लगभग १३,८०० प्री-प्राइमरी केंद्रों का पंजीकरण पूरा हो चुका है। सरकार प्री-स्कूलों के लिए एक स्वतंत्र अधिनियम तैयार कर रही है, जिसमें बाल सुरक्षा, छात्र-शिक्षक अनुपात, शैक्षणिक सुविधाएं, भवन के मानक और खेल-आधारित शिक्षा को शामिल किया गया है। इसके साथ ही, निजी कोचिंग क्लासों की मनमानी रोकने और उनके नियमन के लिए ‘निजी कोचिंग क्लास पंजीकरण व विनियमन अधिनियम, २०२६’ बनाने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार, जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में निरीक्षण समितियां इन पर कड़ी नजर रखेंगी।

➤ छात्राओं के लिए बनेंगे ‘पिंक रूम’, पाठ्यक्रम होगा अपग्रेड
स्कूलों में स्वच्छ पेयजल, शौचालय, सुरक्षित भवन, पुस्तकालय, प्रयोगशाला और खेल के मैदान जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। शिक्षा मंत्री ने एक विशेष घोषणा करते हुए कहा कि कक्षा छठी और उससे ऊपर की छात्राओं की सुविधा के लिए सभी स्कूलों में ‘पिंक रूम’ बनाने की योजना है, जिसे अगले एक साल में पूरा कर लिया जाएगा। मराठी माध्यम के स्कूलों को सशक्त बनाने के लिए इस वर्ष दूसरी, तीसरी, चौथी और छठी कक्षा का नया पाठ्यक्रम लागू किया गया है। अगले दो वर्षों में १०वीं और १२वीं तक के पाठ्यक्रमों को चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड (अद्ययावत) किया जाएगा। इसके अलावा, छात्रों में राष्ट्रप्रेम जगाने के लिए २६ जनवरी को राज्य के २ करोड़ से अधिक विद्यार्थियों ने सामूहिक देशभक्ति अभ्यास (कवायत) कर एक अनूठा रिकॉर्ड बनाया है।

➤ शिक्षकों को गूगल देगा मुफ्त ट्रेनिंग, अशैक्षणिक कार्यों का बोझ होगा कम
शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कामों के बोझ से राहत देने के लिए स्कूलों की १४ पुरानी समितियों का विलय करके केवल ४ समितियां बनाई गई हैं। साथ ही, शिक्षकों को आधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए ‘गूगल’ के सहयोग से राज्य के करीब ४ लाख शिक्षकों को पूरी तरह मुफ्त डिजिटल प्रशिक्षण दिया जाएगा। छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए एक वार्षिक शैक्षणिक कैलेंडर तैयार किया गया है, जिसके तहत बच्चों को खेतों, बैंकों, अस्पतालों, उद्योगों और ऐतिहासिक स्थलों का शैक्षणिक दौरा कराया जा रहा है। पाठ्यपुस्तकों के वितरण पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अधिकांश पुस्तकें वितरित हो चुकी हैं, और कक्षा छठी की संशोधित पुस्तकें १५ जुलाई तक सभी स्कूलों में पहुंच जाएंगी।

➤ यूनिफॉर्म घोटालेबाजों पर नकेल और बेहतरीन प्रदर्शन पर करोड़ों के पुरस्कार
गणवेश योजना के तहत प्रत्येक छात्र को दो यूनिफॉर्म के लिए ६०० रुपये दिए जा रहे हैं, जिसकी पहली किस्त जारी हो चुकी है। घटिया यूनिफॉर्म खरीदने वालों पर कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी और पुलिस अधीक्षक की विशेष समितियां गठित की गई हैं। वहीं, ‘शालार्थ आईडी’ मामले में हुई वित्तीय अनियमितताओं की जांच करने वाली विशेष जांच दल की रिपोर्ट सरकार को मिल चुकी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई तय है।

शिक्षा मंत्री ने घोषणा की कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रथम पुरस्कार के रूप में ५ करोड़ रुपये, द्वितीय पुरस्कार ३ करोड़ रुपये और तृतीय पुरस्कार १ करोड़ रुपये दिया जाएगा। उन्होंने अहिल्या नगर, गढ़चिरौली, सतारा, कोल्हापुर और पुणे की जिला परिषद स्कूलों के सफल प्रयोगों की सराहना करते हुए पूरे राज्य में इस मॉडल को लागू करने की बात कही।

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