अंतरराष्ट्रीय डेस्क:
यूरोप के कई देश इस समय भीषण ‘वाइल्डफायर’ की चपेट में हैं। पुर्तगाल, ग्रीस और स्पेन के जंगलों में भड़की आग को बुझाने के लिए सैकड़ों दमकलकर्मी (Firefighters) दिन-रात संघर्ष कर रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्पेन और इटली ने पुर्तगाल की मदद के लिए अपनी टीमें भेजी हैं।
ग्रीस: रीसाइक्लिंग प्लांट में आग से उठा जहरीला धुआं, घरों में रहने की सलाह
ग्रीस के दूसरे सबसे बड़े शहर थेसालोनिकी (Thessaloniki) में जंगलों की आग एक रीसाइक्लिंग प्लांट तक पहुंच गई। प्लांट में लगी इस भीषण आग के कारण आसमान में भारी मात्रा में जहरीला धुआं फैल गया है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा के लिहाज से अपने घरों के अंदर ही रहें और खिड़की-दरवाजों को पूरी तरह बंद रखें।
इसके अलावा, ग्रीस की राजधानी एथेंस के पश्चिमी इलाके में भी एक बड़ी आग भड़क उठी है। मांड्रा (Mandra) क्षेत्र के चीड़ के जंगलों (Pine Forest) में लगी इस आग पर काबू पाने के लिए 155 दमकलकर्मियों के साथ-साथ वॉलेंटियर्स, 16 वाटर-ड्रॉपिंग विमान और 6 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं।
पुर्तगाल: 12,000 हेक्टेयर जंगल जलकर खाक
मध्य पुर्तगाल के वूजेला (Vouzela) इलाके में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक बनी हुई है। यूरोपीय संघ की सैटेलाइट मैपिंग एजेंसी ‘कोपरनिकस’ के अनुसार, पिछले तीन दिनों से जारी इस आग ने अब तक 12,000 हेक्टेयर से अधिक के क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है।
यहाँ आग बुझाने के लिए 1,200 से अधिक दमकलकर्मी, 400 गाड़ियां और 15 एयरक्राफ्ट जुटे हुए हैं। यूरोपीय संघ (EU) की नागरिक सुरक्षा टीम के मुताबिक, स्पेन ने पुर्तगाल की मदद के लिए 120 जवान और 45 वाहन भेजे हैं, जबकि इटली और स्पेन से 3 विशेष फायरफाइटिंग विमान भी मदद के लिए पहुंचे हैं।
स्पेन: 40 किलोमीटर के दायरे में फैली आग
स्पेन के उत्तर-पूर्वी जिरोना (Girona) क्षेत्र में भी शुक्रवार से लगी आग लगातार फैलती जा रही है। इस आग ने अब तक लगभग 2,200 हेक्टेयर (5,400 एकड़) भूमि को जलाकर राख कर दिया है। कैटलन फायर सर्विस के अधिकारियों के अनुसार, इस आग का पेरिमीटर (घेरा) करीब 40 किलोमीटर तक फैल चुका है, जिससे इस पर पूरी तरह काबू पाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बढ़ता खतरा: वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) और अत्यधिक गर्मी के कारण यूरोप के जंगलों में आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।

