भिवंडी रोड स्टेशन मॉडल की तर्ज पर 3 से 4 संवेदनशील स्थानों पर ऑल-वेदर सबवे बनाने की योजना
महाराष्ट्र भूमि | मुंबई:
भिवंडी रोड रेलवे स्टेशन के पास आधुनिक ‘ऑल-वेदर सबवे’ के सफल निर्माण के बाद, मुंबई रेलवे विकास कॉर्पोरेशन ने रेलवे पटरियों पर अवैध आवाजाही (ट्रेसपासिंग) और हादसों को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। MRVC ने मुंबई उपनगरीय नेटवर्क के 3 से 4 संवेदनशील स्थानों पर इसी तरह के सबवे बनाने की योजना तैयार की है।
इन प्रस्तावित मार्गों में मुख्य रूप से ठाणे-दीघा, सानपाड़ा कारशेड और टिटवाला-खड़वली शामिल हैं।
➤ हादसों में आएगी कमी, सुरक्षित होगा सफर:
इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों और यात्रियों को रेलवे ट्रैक पार करने के लिए एक सुरक्षित विकल्प प्रदान करना और पटरियों पर होने वाली दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को कम करना है। MRVC ने तीन स्थानों की पहचान कर ली है, जबकि चौथे स्थान की घोषणा जल्द की जाएगी। भिवंडी रोड पर बने सबवे को इन नए प्रोजेक्ट्स के लिए मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।
➤ भिवंडी सबवे मॉडल की तकनीक:
भिवंडी रोड स्टेशन के पास बने सबवे का निर्माण पनवेल-वसई रोड सेक्शन पर 7 शुरू रेलवे लाइनों के नीचे बिना ट्रेन यातायात बाधित किए बिना बनाया गया था। इसमें हाइड्रोलिक पुश तकनीक का उपयोग करके आरसीसी के बड़े हिस्सों को बिछाया गया था। इसमें जलभराव रोकने के लिए वाटरप्रूफिंग, ड्रेनेज, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था (लाइटिंग) और वेंटिलेशन का ध्यान रखा गया है।
➤ सुरक्षा के साथ भारी परिवहन में भी मददगार:
ये नए सबवे केवल पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहनों के लिए ही नहीं, बल्कि भारी माल ढुलाई के मानकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किए जा रहे हैं। MRVC का मानना है कि इन सबवे के बन जाने से पटरियों पर अवैध आवाजाही रुकेगी और लोकल कनेक्टिविटी में सुधार होगा।

