➤ मुख्य इमारत में एलटी पैनल और केबल बदलने का काम
➤ ₹10.30 करोड़ का प्रस्तावित; मेसर्स एलिप्रोज इंजीनियर्स को मिला ठेका
महाराष्ट्र भूमि | मुंबई:
परेल स्थित बृहन्मुंबई महानगरपालिका के सेठ गोरधनदास सुंदरलाल मेडिकल कॉलेज और छत्रपति शिवाजी महाराज राजा एडवर्ड मेमोरियल (KEM) अस्पताल की मुख्य इमारत में आग के खतरों से निपटने के लिए बीएमसी प्रशासन ने बड़े पैमाने पर मरम्मत कार्य शुरू किया है। अस्पताल की मुख्य इमारत में पुराने स्विचगियर, एलटी पैनल, संबंधित केबल और एक्सेसरीज को बदलने के लिए बीएमसी ने लगभग 10 करोड़ 30 लाख 87 हजार रुपये की लागत वाले कार्य की प्रशासनिक मंजूरी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
केएम अस्पताल 1800 बिस्तरों वाला एक प्रमुख अस्पताल है, जहां हर साल लगभग 18 लाख ओपीडी मरीज और 85 हजार भर्ती मरीजों का इलाज किया जाता है। केंद्र सरकार ने इस अस्पताल को दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ भी घोषित किया है।
पिछले कुछ वर्षों में मुंबई समेत महाराष्ट्र के विभिन्न अस्पतालों में आग की भीषण घटनाएं सामने आई हैं। केएम अस्पताल में भी पूर्व में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। अस्पताल में कार्यरत लगभग 390 डॉक्टर, 550 रेजिडेंट डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और प्रतिदिन आने वाले हजारों मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुरानी विद्युत प्रणाली को तुरंत बदलना बेहद जरूरी हो गया था। इसी को ध्यान में रखते हुए बीएमसी के मुख्य अभियंता (यांत्रिक एवं विद्युत) विभाग ने यह ठोस कदम उठाया है।
इस परियोजना की कुल संशोधित लागत ₹10,30,87,750 तय की गई है। इस कार्य के लिए कार्यालयीन अनुमान से 1.93% कम दर की बोली लगाने वाली कंपनी ‘मेसर्स एलिप्रोज इंजीनियर्स’ सबसे कम बोलीदाता (L1) के रूप में उभरी है। जीएसटी और अन्य खर्चों को मिलाकर ₹9,37,16,136 के अनुबंध मूल्य पर उनका चयन किया गया है। ठेकेदार को मानसून सहित 10 महीने की समय सीमा के भीतर यह काम पूरा करना होगा।
बीएमसी द्वारा आमंत्रित ई-निविदा प्रक्रिया में चार ठेकेदारों ने आवेदन जमा किए थे। तकनीकी जांच के दौरान मेसर्स रूपेन इलेक्ट्रिकल्स और मेसर्स ए.जी.एम. एंटरप्राइजेज अपात्र घोषित हो गए। इसके बाद पात्र पाई गई मेसर्स एलिप्रोज इंजीनियर्स और मेसर्स इलेक्ट्रोकूल इंजीनियरिंग की वित्तीय बोलियां (लिफाफा ‘सी’) खोली गईं, जिसमें एलिप्रोज इंजीनियर्स की दरें सबसे कम पाई गईं। ठेकेदार के ट्रैक रिकॉर्ड और उचित दरों को देखते हुए इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए स्थायी समिति के पास भेजा जा रहा है।

