सर्वांगीण विकासासाठी पायाभूत सुविधा, पुनर्विकास, आधुनिक तंत्रज्ञानावर भर
मुंबई: मुंबई और मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार ने एक बेहद व्यापक और महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। इसके तहत बुनियादी ढांचे, बाढ़ नियंत्रण, पुनर्विकास, आधुनिक तकनीक, जल सुरक्षा, परिवहन व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच तालमेल बिठाकर मुंबई को भविष्य का एक वैश्विक स्तर का, सुरक्षित और सक्षम महानगर बनाया जा रहा है। विधानसभा में नियम 293 के तहत सत्तापक्ष के सदस्यों द्वारा लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में चल रही और अगले तीन वर्षों में पूरी होने वाली इन सभी परियोजनाओं की कुल लागत 12,26,707 करोड़ रुपये है, जिसका वित्तीय नियोजन (Financial Planning) और कर्ज अदायगी की व्यवस्था पूरी कर ली गई है।
बाढ़ नियंत्रण के लिए 13 हजार करोड़ का प्लान; ‘AI’ ने पकड़ी ठेकेदारों की धोखाधड़ी
- एकीकृत बाढ़ नियंत्रण योजना: मुंबई में जलभराव और बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान खोजने के लिए 13,000 करोड़ रुपये का ‘एकीकृत बाढ़ नियंत्रण प्रारूप’ (Integrated Flood Control Plan) केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजा गया है।
- 30 मिनट में निकलेगा पानी: शहर के 370 बाढ़ संभावित (Waterlogging) स्थानों पर बारिश का पानी जमा होने पर उसे महज 30 मिनट के भीतर बाहर निकालने की व्यवस्था की जा रही है। वर्तमान में 990 पंप (MMRDA, रेलवे और अन्य एजेंसियों को मिलाकर) और 16 पंपिंग स्टेशन (6 बड़े और 10 मिनी) काम कर रहे हैं।
- नाला सफाई में AI का इस्तेमाल: नाला सफाई में होने वाली गड़बड़ियों, फर्जी दावों और गलत बिलों को रोकने के लिए पहली बार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित धोखाधड़ी पहचान प्रणाली लागू की गई है। इस तकनीक के कारण दोषी ठेकेदारों पर कड़ा शिकंजा कसा गया है, जिसके तहत वर्ष 2025 में 12.5 करोड़ रुपये और वर्ष 2026 में 9.25 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। ब्रिमस्टोवॉड (BRIMSTOWAD) परियोजना के शेष काम अगले एक-दो वर्षों में पूरे करने का लक्ष्य है।
6 दिनों में हुई 42% बारिश, फिर भी तंत्र रहा मुस्तैद
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि इस साल जुलाई की शुरुआत में महज छह दिनों के भीतर पूरे महीने की औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई। इन छह दिनों में कोलाबा में 882 मिमी और सांताक्रूज़ में 988 मिमी बारिश हुई, जो साल भर की कुल बारिश का लगभग 42 प्रतिशत है। इसके साथ ही 50 से 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं और 4 मीटर से ऊंची लहरों (High Tide) के कारण स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी, लेकिन आपातकालीन प्रणालियों ने बेहतरीन काम किया। इस साल लक्ष्य से 112% अधिक नाला सफाई की गई और मीठी नदी से 83% गाद (Silt) निकाली गई।
कनेक्टिंग लिंक प्रोजेक्ट: इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना
‘कनेक्टिंग लिंक’ परियोजना को महाराष्ट्र की इंजीनियरिंग क्षमता का प्रतीक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में दुनिया की सबसे चौड़ी सुरंग (Tunnel), भारत का सबसे ऊंचा वायाडक्ट और सबसे ऊंचा केबल-स्टेड पुल बनाया गया है। हाल ही में हुई भारी बारिश के दौरान एक जलवाहिनी (Water pipeline) को नुकसान जरूर पहुंचा, लेकिन मुख्य ढांचे (Structural Damage) को कोई नुकसान नहीं हुआ। आपातकालीन टीमों ने रिकॉर्ड 18 घंटे के भीतर यातायात को फिर से बहाल कर दिया।
100% कंक्रीट सड़कें, बोगदे और पार्किंग को रफ्तार
- सड़कों का कंक्रीटीकरण: मुंबई की सड़कों की गुणवत्ता सुधारने के लिए 95% सड़कों के कंक्रीटीकरण का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण का 89% और दूसरे चरण का 73% काम पूरा हो चुका है। मई 2027 तक पूरी मुंबई की सड़कें कंक्रीट की बना दी जाएंगी।
- कनेक्टिविटी: यातायात को सुचारू करने के लिए गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड सुरंग, उत्तर तटीय मार्ग (North Coastal Road), विभिन्न फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज और ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है। इसके साथ ही मल्टी-स्टोरी रोबोटिक पार्किंग और अंडरग्राउंड पार्किंग सुविधाओं को गति दी जा रही है।
जल सुरक्षा और पारदर्शी डिजिटल प्रशासन
- 2030 तक अतिरिक्त पेयजल: मुंबई की बढ़ती जरूरतों के लिए ‘गारगाई परियोजना’ को आवश्यक वन मंजूरी मिल गई है, जिससे 2029 तक 500 एमएलडी (MLD) अतिरिक्त पानी मिलेगा। वहीं, मनोरी और वर्सोवा में ‘डिसैलिनिजेशन’ (समुद्र के खारे पानी को मीठा करने) के प्रोजेक्ट्स लगाए जा रहे हैं, जिससे 2030 तक 1,000 एमएलडी मीठा पानी उपलब्ध होगा।
- भ्रष्टाचार पर रोक: मुंबई महानगरपालिका (BMC) के कामकाज में पारदर्शिता के लिए ई-टेंडरिंग, सैप (SAP) प्रणाली और डिजिटल नियंत्रण लागू किया गया है। इससे फिजूलखर्ची पर रोक लगी है और करीब 1,032 करोड़ रुपये के अनावश्यक टेंडर रद्द किए गए हैं। पालिक में ‘डिजिटल ट्विन’ प्रोजेक्ट और एआई-आधारित बिल्डिंग मैप मंजूरी प्रणाली से 60% प्रक्रियाएं ऑटोमैटिक और पारदर्शी हो जाएंगी।
स्वयं पुनर्विकास, स्वास्थ्य और पर्यावरण
- नागरिकों को मिलेगा दोगुना बड़ा घर: स्वयं पुनर्विकास (Self-Redevelopment) योजना के माध्यम से नागरिकों को 600 वर्ग फुट के बजाय 1,200 से 1,400 वर्ग फुट तक के घर मिल रहे हैं। म्हाडा (MHADA) द्वारा 1 लाख 8 हजार फ्लैट्स बनाए जा रहे हैं। धारावी पुनर्विकास परियोजना के तहत 1.60 लाख आवासीय और व्यावसायिक इकाइयों का पुनर्वास किया जाएगा और सभी पात्र निवासियों को धारावी में ही घर दिया जाएगा।
- स्वास्थ्य और कचरा प्रबंधन: सायन, नायर और उपनगरीय अस्पतालों के विस्तार से 3,000 अतिरिक्त बेड उपलब्ध होंगे। सभी अस्पतालों का डेटा जोड़ने के लिए HMIS प्रणाली विकसित की गई है। कचरा प्रबंधन के लिए 600 मीट्रिक टन क्षमता का ‘वेस्ट-टू-एनर्जी’ प्लांट लगाया जा रहा है, जिससे 8 मेगावाट बिजली बनेगी।
- मैंग्रोव (कांदळवन) का संरक्षण: तटीय सुरक्षा के लिए सरकार के प्रयासों से मैंग्रोव क्षेत्र 302.70 वर्ग किमी से बढ़कर 315.09 वर्ग किमी (12.39 वर्ग किमी की वृद्धि) हो गया है।
2047 तक 825 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई और एमएमआर क्षेत्र महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था का ‘ग्रोथ इंजन’ है। साल 2047 तक इस क्षेत्र की जीडीपी (GDP) को 825 बिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य है। इसके लिए 30 नए बिजनेस हब, 30 परिवहन परियोजनाएं, वॉटर मेट्रो और मेट्रो नेटवर्क का बड़े पैमाने पर विस्तार किया जा रहा है। इसके साथ ही इंदू मिल में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के अंतर्राष्ट्रीय स्मारक और जनवरी 2027 तक हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे के अत्याधुनिक तकनीक-आधारित स्मारक को पूरा करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
विधायकों के सुझावों पर सरकार सकारात्मक
चर्चा के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘फनेल ज़ोन’ की समस्या पर जल्द ही बैठक कर निर्णय लिया जाएगा। सभी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के लिए ‘सिंगल टिकट सिस्टम’ (एक ही टिकट से हर सफर) पर काम शुरू है। चीता कैंप-कोलीवाड़ा मेट्रो कनेक्टिविटी के लिए मेट्रो 2-बी के विस्तार की डीपीआर (DPR) मंजूर हो चुकी है।
अंत में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया:
“हमारी सरकार आम आदमी को सम्मान का घर, रोजगार के नए अवसर, बेहतरीन नागरिक सुविधाएं और आधुनिक बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम करती रहेगी।”

