- केवल भारत ही नहीं, बल्कि सात समंदर पार भी है संकटमोचन हनुमान जी का भारी क्रेज।
- अमेरिका से लेकर त्रिनिदाद तक, विदेशों में स्थापित हैं बजरंगबली की भव्य और ऐतिहासिक मूर्तियां।
- जानिए विदेशों में स्थित इन मशहूर हनुमान मंदिरों का इतिहास और उनकी अनोखी विशेषताएं।
सनातन धर्म और प्रभु श्री राम के परम भक्त हनुमान जी की महिमा केवल भारत तक ही सीमित नहीं है। आज दुनिया के कोने-कोने में ‘जय श्री राम’ और ‘जय बजरंगबली’ के जयघोष गूंज रहे हैं। भारत के बाहर भी कई ऐसे देश हैं, जहां हनुमान जी के बेहद भव्य, ऐतिहासिक और चमत्कारी मंदिर स्थित हैं। इन मंदिरों की न केवल धार्मिक मान्यताएं बहुत गहरी हैं, बल्कि इनका स्थापत्य (Architecture) भी देखने लायक है।
आइए जानते हैं भारत के बाहर स्थित उन प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों के बारे में, जो विदेशी धरती पर भारतीय संस्कृति और आस्था का झंडा बुलंद कर रहे हैं।
1. कैरिबियन द्वीप: त्रिनिदाद और टोबैगो (कारपिटामा हनुमान मंदिर)
कैरिबियन देश त्रिनिदाद और टोबैगो के कारपिटामा में स्थित हनुमान मंदिर दुनिया भर में मशहूर है।
- विशेषता: इस मंदिर में हनुमान जी की 85 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा स्थापित है, जो भारत के बाहर दुनिया की सबसे ऊंची हनुमान मूर्तियों में से एक है।
- इतिहास: इस मंदिर का निर्माण द्रविड़ स्थापत्य शैली में किया गया है। यहां रहने वाले भारतीय मूल के लोग और स्थानीय नागरिक बेहद श्रद्धा के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करने आते हैं।
2. अमेरिका: टेक्सास (ह्यूस्टन श्री मीनाक्षी मंदिर और हनुमान मंदिर)
अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय ने वहां सनातन संस्कृति को बेहद जीवंत रखा है। टेक्सास के शुगर लैंड में स्थित हनुमान मंदिर भक्तों की आस्था का एक बड़ा केंद्र है।
- विशेषता: यहां हनुमान जी की लगभग 90 फीट ऊंची ‘अभय आंजनेय’ प्रतिमा स्थापित की गई है, जिसे ‘स्टैच्यू ऑफ यूनियन’ भी कहा जाता है।
- महत्व: यह मूर्ति अमेरिका की सबसे ऊंची धार्मिक मूर्तियों में से एक है, जो दूर से ही दिखाई देती है। यहां हर मंगलवार और शनिवार को भारी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं।
3. श्रीलंका: चिन्मय मिशन (रामबोडा हनुमान मंदिर)
रामायण काल से सीधा संबंध रखने वाले देश श्रीलंका में हनुमान जी का होना बेहद स्वाभाविक है। श्रीलंका के रामबोडा में नुवारा एलिया मार्ग पर यह प्रसिद्ध मंदिर स्थित है।
- इतिहास और मान्यता: माना जाता है कि यह वही क्षेत्र है जहां माता सीता की खोज के दौरान हनुमान जी ने अपने कदम रखे थे।
- विशेषता: इस मंदिर में हनुमान जी की 16 फीट ऊंची काले ग्रेनाइट पत्थर से बनी बेहद खूबसूरत मूर्ति है। पहाड़ी और प्राकृतिक वादियों के बीच स्थित इस मंदिर के दर्शन के लिए दुनिया भर से लोग आते हैं।
4. ऑस्ट्रेलिया: मेलबर्न (श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर)
ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर में स्थित श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर वहां के हिंदुओं और प्रवासियों के बीच बेहद लोकप्रिय है।
- महत्व: इस मंदिर की स्थापना भारतीय रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजने के लिए की गई थी। यहां नियमित रूप से सुंदरकांड का पाठ, महाप्रसाद और ध्यान सत्र आयोजित किए जाते हैं, जो विदेशी धरती पर भी भारत जैसा माहौल पैदा करते हैं।
5. मलेशिया: कुआलालंपुर (बाटू केव्स हनुमान मंदिर)
मलेशिया की प्रसिद्ध बाटू गुफाओं के प्रवेश द्वार के पास भगवान मुरुगन की विशाल मूर्ति के साथ ही हनुमान जी का भी एक भव्य मंदिर है।
- विशेषता: यहां हनुमान जी की एक विशाल हरे रंग की प्रतिमा स्थापित है। गुफाओं की यात्रा शुरू करने से पहले भक्त बजरंगबली का आशीर्वाद लेते हैं। यह स्थान मलेशिया में हिंदू संस्कृति का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है।
भौगोलिक सीमाएं भले ही अलग हों, लेकिन हनुमान जी के प्रति अगाध श्रद्धा पूरी दुनिया को एक सूत्र में पिरोती है। विदेशों में बने ये मंदिर इस बात का प्रमाण हैं कि सनातन संस्कृति और रामभक्ति की गूंज वैश्विक स्तर पर कितनी गहरी है।

