- ‘माझी वसुंधरा’ अभियान में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महानगरपालिका ने बढ़ाया एक और सराहनीय कदम
महाराष्ट्र भूमि | नवी मुंबई
पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता में देश के दूसरे क्रमांक के शहर में शुमार नवी मुंबई महानगरपालिका ने एक और ऐतिहासिक और अनुकरणीय मिसाल पेश की है। मनपा ने श्री गणेशोत्सव के दौरान कृत्रिम तालाबों में विसर्जित हुईं प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों पर वैज्ञानिक पद्धति से पुनर्प्रक्रिया कर शानदार ‘स्टडी टेबल’का निर्माण किया है। इस अभिनव पहल के तहत तैयार किए गए स्टडी टेबल का वितरण नवी मुंबई मनपा स्कूल के जरूरतमंद विद्यार्थियों को किया गया है।
➤ 8 हजार मूर्तियों को रखा गया था सुरक्षित
उच्च न्यायालय के आदेशों और महाराष्ट्र सरकार के पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए नवी मुंबई मनपा ने गणेशोत्सव में पीओपी मूर्तियों के विसर्जन के लिए 146 कृत्रिम विसर्जन तालाबों का निर्माण किया था। इन तालाबों में विसर्जित हुईं लगभग 8 हजार मूर्तियों को मनपा ने पूरी सुरक्षा और निगरानी के साथ संकलित कर एक स्थान पर सुरक्षित रखा था।
नवी मुंबई महानगरपालिका आयुक्त डॉ. कैलाश शिंदे के मार्गदर्शन में परिमंडल-1 के उपायुक्त सोमनाथ पोटरे इन मूर्तियों के वैज्ञानिक निस्तारण और रीसाइक्लिंग के लिए आईआईटी मुंबई, आईसीटी मुंबई और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के विशेष सहयोग से इस काम को अंजाम दिया गया.
➤ सीएसआर फंड के जरिए तैयार हुए 760 स्टडी टेबल
‘हेनकेन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ और ‘बीच प्लीज़ इंडिया लिमिटेड’ के सीएसआर फंड के माध्यम से तथा रोटरी क्लब नवी मुंबई के सहयोग से प्राथमिक चरण में 700 विसर्जित मूर्तियों पर प्रक्रिया की गई। इस दौरान लगभग 1500 किलोग्राम पीओपी का पुनरुत्पादन कर कुल 760 आकर्षक स्टडी टेबल तैयार किए गए। इन स्टडी टेबल को आंबेडकर नगर, रबाले स्थित ‘नवी मुंबई महानगरपालिका माध्यमिक स्कूल क्रमांक 104 (राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज विद्यालय)’ के विद्यार्थियों को वितरित किया गया।
➤ पुनर्वापर योग्य पीओपी बनाने पर विचार; वैज्ञानिकों संग बैठक
पीओपी पर वैज्ञानिक प्रक्रिया को और बड़े पैमाने पर ले जाने के लिए मनपा अब विसर्जित मूर्तियों से दोबारा पुनरुपयोग पीओपी बनाने के प्रस्ताव पर काम कर रही है। इस विषय में देश की प्रतिष्ठित संस्था ‘इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी’ के वैज्ञानिकों और मूर्तिकार संघ के पदाधिकारियों के साथ एक संयुक्त बैठक आयोजित कर विस्तृत चर्चा की जा चुकी है। आईसीटी से अंतिम तकनीकी प्रस्ताव प्राप्त होते ही मनपा आवश्यक प्रशासनिक अनुमतियां लेकर इस अनूठे प्रोजेक्ट पर आगे बढ़ेगी।
राज्य सरकार के ‘माझी वसुंधरा’ अभियान के तहत महाराष्ट्र के दूसरे सबसे पर्यावरण-अनुकूल शहर का गौरव प्राप्त करने वाली नवी मुंबई ने इस अभिनव प्रयोग से प्रकृति संरक्षण की दिशा में एक नया अध्याय लिख दिया है।

