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महाराष्ट्र भूमिअन्यखेलमिशन ओलंपिक: भारतीय एथलीट्स का स्पेशल विदेशी ट्रेनिंग कैंप शुरू, पदकों का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए सरकार ने झोंकी ताकत
मिशन ओलंपिक: भारतीय एथलीट्स का स्पेशल विदेशी ट्रेनिंग कैंप शुरू, पदकों का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए सरकार ने झोंकी ताकत

मिशन ओलंपिक: भारतीय एथलीट्स का स्पेशल विदेशी ट्रेनिंग कैंप शुरू, पदकों का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए सरकार ने झोंकी ताकत

डिजिटल डेस्क:

वैश्विक खेल मंच पर तिरंगा लहराने और इतिहास रचने के लिए भारत ने अपनी तैयारियां बेहद तेज कर दी हैं। आगामी अंतरराष्ट्रीय खेल महाकुंभ (Olympics) को ध्यान में रखते हुए भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और खेल मंत्रालय ने देश के शीर्ष एथलीट्स के लिए विशेष हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग कैंप की शुरुआत कर दी है। भारतीय खिलाड़ियों का पहला बड़ा जत्था अत्याधुनिक सुविधाओं के बीच अभ्यास करने के लिए विदेशों में स्थित ट्रेनिंग सेंटर्स पर पहुंच चुका है।

इस बार सरकार और खेल संघों का पूरा ध्यान खिलाड़ियों को मानसिक और शारीरिक रूप से दुनिया के सर्वश्रेष्ठ एथलीट्स के समकक्ष तैयार करने पर है।

➤ यूरोप और एशिया के बेहतरीन सेंटर्स पर ट्रेनिंग
भारतीय एथलीट्स को वैश्विक स्तर का एक्सपोजर देने के लिए अलग-अलग खेलों के अनुसार ट्रेनिंग वेन्यू तय किए गए हैं:

  • निशानेबाजी: भारतीय निशानेबाजों का मुख्य दल इस समय जर्मनी और इटली की अत्याधुनिक रेंजेस पर पसीना बहा रहा है, ताकि वे वहां की हवा और परिस्थितियों के अनुकूल खुद को ढाल सकें।
  • मुक्केबाजी और कुश्ती : मुक्केबाजों और पहलवानों के लिए पूर्वी यूरोप में कड़े अभ्यास सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जहां उन्हें दुनिया के बेहतरीन स्पैरिंग पार्टनर्स (अभ्यास के लिए साथी खिलाड़ी) मिल रहे हैं।
  • एथलेटिक्स : ट्रैक एंड फील्ड के मुख्य खिलाड़ियों के लिए विदेशों में विशेष रूप से कोच और फिजियोथेरेपिस्ट की तैनाती की गई है।

➤ तकनीक, मेंटल वेलनेस और डाइट पर विशेष फोकस
खेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस बार की रणनीति केवल मैदान पर पसीना बहाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आधुनिक विज्ञान का भी सहारा लिया जा रहा है:

“हम इस बार खिलाड़ियों की तकनीक में सुधार के लिए ‘बायोमैकेनिकल एनालिसिस’ का उपयोग कर रहे हैं। इसके साथ ही, बड़े टूर्नामेंट के दबाव से निपटने के लिए हर टीम के साथ विशेष स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट (मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ) जोड़े गए हैं।”

खिलाड़ियों की डाइट को लेकर भी कोई समझौता नहीं किया जा रहा है। न्यूट्रिशनिस्ट की देखरेख में हर एथलीट की शारीरिक जरूरत के हिसाब से कस्टमाइज्ड डाइट प्लान तैयार किया गया है।

➤ पदकों का दोहरा आंकड़ा पार करना
टोक्यो और उसके बाद के वैश्विक टूर्नामेंट्स में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने देश की उम्मीदों को काफी बढ़ा दिया है। खेल विश्लेषकों का मानना है कि यदि खिलाड़ियों की यह लय और ट्रेनिंग इसी तरह जारी रही, तो भारत इस बार ओलंपिक इतिहास में अपने अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का रिकॉर्ड तोड़ते हुए पदकों की संख्या को दोहरे अंकों (10 से अधिक मेडल) में ले जाने में सफल रहेगा।

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