- प्रभावितों को अधिक मदद देने के लिए विशेष पैकेज होगा मंजूर
- वसई-विरार क्षेत्र में जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए बनाए जाएंगे ‘होल्डिंग स्पॉट्स’
महाराष्ट्र भूमि | मुंबई
पालघर जिले में अत्यधिक बारिश और बाढ़ के कारण हुए भारी नुकसान का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंत्रालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्राकृतिक आपदाओं से बचाव और राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए पालघर तथा नासिक जिलों के लिए एक एकीकृत राहत योजना तैयार की जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रभावित परिवारों को सरकारी नियमों के प्रावधानों से आगे बढ़कर वित्तीय और व्यावहारिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार विशेष पैकेज मंजूर करेगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के वनमंत्री गणेश नाईक, आपदा प्रबंधन एवं जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, सार्वजनिक निर्माण (सार्वजनिक उपक्रम) मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले, राज्य मंत्री एड. आशीष जायसवाल, विधायक हरिश्चंद्र भोये, विनोद निकोले, राजेंद्र गावित, विकास तारे, राजन नाईक, देवयानी फरांदे, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, प्रधान सचिव विनीता वेद सिंगल, कोंकण विभागीय आयुक्त रूबल अग्रवाल तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

➤ स्थायी बुनियादी ढांचे और सड़कों की बहाली पर जोर
- सड़क एवं यातायात बहाली:
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा जनजीवन को पटरी पर लाने के लिए पीडब्ल्यूडी और ग्राम विकास विभाग युद्ध स्तर पर क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की मरम्मत शुरू करें। - अबाधित बिजली आपूर्ति:
महावितरण और संबंधित बिजली कंपनियां ढांचागत सुधार करें, ताकि आपदा के समय भी निर्बाध बिजली आपूर्ति बनी रहे। - जल निकायों की मैपिंग:
बाढ़ के पानी के प्रवाह का अध्ययन कर उनका नक्शा तैयार किया जाए और इसे भविष्य के विकास प्रारूप में शामिल किया जाए।
➤ वसई-विरार के लिए ‘होल्डिंग पॉन्ड्स’ की योजना
वसई-विरार क्षेत्र में भौगोलिक स्थिति के कारण पानी का निकास तेजी से नहीं हो पाता। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में ‘होल्डिंग पॉन्ड्स/होल्डिंग स्पॉट्स’ विकसित करने के निर्देश दिए। इसके लिए लीज समाप्त हो चुकी भूमियों का उपयोग करने की बात कही गई।
विश्व बैंक से सहायता प्राप्त करने और दीर्घकालिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ‘मित्रा’ (MITRA) के माध्यम से ‘महाराष्ट्र रिस्पॉन्सिव डेवलपमेंट प्रोग्राम’ के तहत पालघर के लिए विशेष योजना तैयार की जाएगी।

➤ ₹584.45 करोड़ के पुनर्गठन प्रस्तावों पर चर्च
बैठक में जानकारी दी गई कि पालघर, डहाणू और तलासरी तहसील के 4,197 से अधिक बाढ़ पीड़ित परिवारों को खाद्यान्न और तात्कालिक वित्तीय सहायता दी जा चुकी है।
इसके साथ ही, बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए बुनियादी ढांचे की पुनर्निर्माण प्रक्रिया के तहत:
- सुरक्षा दीवार और सड़कों की मरम्मत।
- जल शोधन संयंत्रों के नुकसान की भरपाई।
- नालियों और पुलों की ऊंचाई बढ़ाना तथा ड्रेनेज सिस्टम का नवीनीकरण।
इन सभी कार्यों के लिए कुल ₹584.45 करोड़ के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई और संबंधित विभागों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

