- व्यापारियों के लिए संपत्ति बीमा सुरक्षा की आवश्यकता पर दिया जोर
- जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ के नेतृत्व में पंचनामा कार्य पूरा; पात्र पीड़ितों को दी जा रही आर्थिक सहायता
महाराष्ट्र भूमि | पालघर
जुलाई महीने के पहले सप्ताह में हुई भारी बारिश और अतिवृष्टि के कारण पालघर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इसके चलते स्थानीय नागरिकों के घरों, खेती, पशुधन और सार्वजनिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसी पृष्ठभूमि में पालघर जिले के पालकमंत्री गणेश नाईक ने प्रभावित क्षेत्रों का प्रत्यक्ष दौरा कर स्थिति की समीक्षा की।
दौरे के दौरान उन्होंने नरपड़-चिखला समुद्री मार्ग, वडघर पुल तथा अन्य क्षतिग्रस्त सड़कों और बुनियादी ढांचे के नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग तथा जिला परिषद निर्माण विभाग को तुरंत सर्वेक्षण पूरा करने और प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत व पुनर्निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में यातायात और जनजीवन जल्द से जल्द सामान्य हो सके। पालकमंत्री के निर्देशों के बाद जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने युद्ध स्तर पर राहत एवं पुनर्वास कार्य शुरू कर दिया है।

➤ युद्ध स्तर पर पंचनामा कार्य संपन्न
बाढ़ का पानी उतरते ही राजस्व, आपदा प्रबंधन, कृषि, पशुपालन, PWD और महावितरण सहित अन्य विभागों के समन्वय से पंचनामा कार्य तेजी से पूरा किया गया। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र लाभार्थी सरकारी मदद से वंचित न रहे। जिन प्रभावितों का पंचनामा पूरा हो चुका है, उन्हें तय मानदंडों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से सहायता राशि वितरित की जा रही है। पर्याप्त फंड उपलब्ध होने के कारण राहत वितरण की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है।
➤ मृतकों के आश्रितों को ₹4-4 लाख की सहायता
अतिवृष्टि के कारण जिले में कुल 20 लोगों की मृत्यु हुई है, जिनमें से 13 लोगों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। जांच के बाद इनमें से 12 मृत व्यक्तियों के वारिस/आश्रित सरकारी सहायता के लिए पात्र पाए गए हैं।
अब तक 8 प्रभावित परिवारों को कुल ₹32 लाख की सहायता वितरित कर दी गई है, जबकि शेष पात्र परिवारों को राशि देने की कार्रवाई जारी है।
➤ घर एवं पशुधन के नुकसान का विवरण
जिला प्रशासन द्वारा पूरे किए गए पंचनामे के अनुसार नुकसान का ब्यौरा इस प्रकार है:
मकानों का नुकसान:
- पूर्णतः क्षतिग्रस्त घर: 44
- आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घर: 421
- कच्चे घरों का नुकसान: 126
- झोपड़ियों का नुकसान: 10
- गोठा/मवेशी शेड का नुकसान: 03
- पशुधन का नुकसान:
- बड़े दुधारू पशु: 07
- छोटे दुधारू पशु: 23
- भारवाहक बड़े पशु: 06
इसके अतिरिक्त, भारी बारिश के कारण जिन 19,026 घरों में पानी घुसा था, उनका पंचनामा जल्द से जल्द पूरा कर पात्र लोगों को आर्थिक मदद देने की प्रक्रिया जारी है।
➤ व्यापारियों के लिए ‘बीमा सुरक्षा’ की अपील
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए पालकमंत्री गणेश नाईक ने कहा, “अत्यधिक बारिश के कारण कई परिवारों के घर-संसार उजड़ गए हैं और व्यापारी वर्ग को भी बड़ा वित्तीय झटका लगा है। ऐसे प्राकृतिक संकटों से बचाव के लिए भविष्य में व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों और सरकारी तंत्र को एक साथ आकर व्यापारिक संपत्ति बीमा के प्रति जागरूकता बढ़ानी होगी।”

उन्होंने आगे कहा कि व्यापारियों के लिए अपनी संपत्ति और दुकान का बीमा कराना समय की मांग है और इसके लिए जिले में एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए।

