महाराष्ट्र भूमि | मोनिका भोसले
“हौसले हों बुलंद तो रास्ते खुद बन जाते हैं,
कदम अकेले उठते हैं और काफ़िला बन जाता है।”
महाराष्ट्र भूमि | नवी मुंबई (सीवुड्स):
एक सामान्य गृहिणी से संस्थापिका व लेखिका तक का सफर तय करने वाली ‘योग रहस्य’ की संस्थापिका, ‘स्वतः आधी, नंतर जग’ पुस्तक की लेखिका और योग मेंटोर काजल नाईक का प्रेरणादायी सफर आज असंख्य महिलाओं के लिए एक मिसाल बन चुका है।
अक्सर महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियों के बीच अपनी पहचान खो देती हैं। ऐसे में महिलाओं के मानसिक और भावनात्मक संतुलन को बनाए रखने के उद्देश्य से काजल नाईक द्वारा ‘योग रहस्य’ वेलनेस स्टार्टअप की शुरुआत की गई।
“Discover Your Inner Secret” के ध्येय वाक्य को सार्थक करते हुए ‘योग रहस्य’ के माध्यम से महिलाओं में शारीरिक फिटनेस, मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन, तनावमुक्त जीवन और आत्म-सम्मान के महत्व को रेखांकित करने के लिए सीवुड्स (सेक्टर 42-ए) स्थित मातृमिलन चर्च में “महिलाओं के स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और मानसिक जागरूकता” हेतु विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर नवी मुंबई महानगरपालिका के सभागृह नेता व पूर्व महापौर सागर नाईक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। साथ ही मौजूद थे पूर्व नगरसेवक विनोद म्हात्रे, पूर्व नगरसेवक गणेश म्हात्रे, नगरसेवक विशाल विचारे, नगरसेवक दीपक पवार, पूर्व महामंत्री अमित मढवी, प्रभाग क्रमांक 26 की नगरसेविका व मुख्य आयोजक रेखा म्हात्रे, नगरसेविका संतोषी म्हात्रे एवं समाजसेविका नीलिमा मढवी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं ने शिविर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और योग के विभिन्न आसनों व प्राणायाम का अभ्यास किया।
शिविर में योग मेंटोर काजल नाईक ने महिलाओं को दैनिक दिनचर्या से समय निकालकर योग के माध्यम से मन और शरीर का संतुलन साधने के गुर सिखाए। इस दौरान महिलाओं और छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और योग के विभिन्न आसनों व प्राणायाम का अभ्यास किया।
इस आयोजन की सबसे ख़ास बात यह रही कि महिलाओं के साथ-साथ छात्राओं के लिए भी विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया। योग के नियमित अभ्यास से छात्राओं में मानसिक एकाग्रता, स्मरण शक्ति में वृद्धि, तनाव व चिंता से मुक्ति, शारीरिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यही कारण है कि इस सत्र को छात्राओं का अभूतपूर्व प्रतिसाद मिला।
कार्यक्रम के दौरान योग के विभिन्न आसनों से महिलाओं और छात्राओं को प्रशिक्षित करने के साथ-साथ लेखिका काजल नाईक ने अपनी स्वलिखित पुस्तक ‘स्वतः आधी, नंतर जग’ की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन के संघर्षों और अनुभवों को साझा करते हुए रेखांकित किया कि घर-परिवार की जिम्मेदारियों के बीच महिलाओं का अपनी पहचान खो देना एक कड़वा सच है, इसलिए महिलाओं को स्वयं के लिए समय निकालकर अपने अंदर की शक्ति को पहचानना चाहिए।
महिलाओं को संबोधित करते हुए काजल नाईक ने कहा कि अगर आपको इन्वेस्ट करना ही है तो खुद पर करें और दिन का कम से कम 15 मिनट खुद को दें, क्योंकि यही 15 मिनट आपके जीवन में ऊर्जा, उमंग और उत्साह का संचार करेंगे।
इस मौके पर पूर्व महापौर सागर नाईक ने काजल नाईक द्वारा प्रारंभ किए गए वेलनेस स्टार्टअप ‘योग रहस्य’ की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं के जीवन और उनके समग्र स्वास्थ्य में योग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
वहीं शिविर में उपस्थित महिलाओं और छात्राओं ने भी इस आयोजन को बेहद उपयोगी बताया और नियमित रूप से योग अपनाने का संकल्प लिया।

