मनपा आयुक्त अश्विनी भिड़े के सख्त निर्देश; पहले चरण में ३२० किलोमीटर फुटपाथ होंगे पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त
महाराष्ट्र भूमि | मुंबई:
मुंबई महानगरपालिका ने शहर के फुटपाथों को पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित, सुगम और बाधा मुक्त बनाने के उद्देश्य से ‘पेडेस्ट्रियन फर्स्ट’ अभियान की आधिकारिक शुरुआत कर दी है। बीएमसी आयुक्त श्रीमती अश्विनी भिड़े ने अधिकारियों को शहर के ३२० किलोमीटर लंबे फुटपाथों से अनधिकृत फेरीवालों, अवैध निर्माणों और अन्य सभी प्रकार की रुकावटों को प्राथमिकता के आधार पर हटाने के सख्त आदेश जारी किए हैं।
मुंबई में होने वाली कुल दैनिक आवाजाही में से लगभग ५० प्रतिशत यात्राएं पैदल ही तय की जाती हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए बीएमसी ने इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
आयुक्त ने पश्चिमी उपनगरों में खुद ज़मीन पर उतरकर लिया स्थिति का जायजा
अभियान की प्रगति का मूल्यांकन करने के लिए नगर निगम आयुक्त अश्विनी भिड़े ने पश्चिमी उपनगरों के ‘के-वेस्ट’ (K-West) और ‘पी-साउथ’ (P-South) वार्डों में खुद पैदल चलकर ऑन-साइट निरीक्षण किया।
इस दौरान विले पार्ले (पश्चिम) में एस.वी. रोड से कूपर अस्पताल को जोड़ने वाले राम गणेश गडकरी मार्ग का विशेष निरीक्षण किया गया। भारी आवाजाही वाले इस क्षेत्र में मरीजों, एम्बुलेंस और स्थानीय निवासियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को तुरंत अतिक्रमण हटाने और रास्ता साफ करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
➤ पहले चरण में ३२० किलोमीटर फुटपाथ होंगे चकाचक
बीएमसी द्वारा शुरू किए गए इस विशेष अभियान के पहले चरण के तहत शहर की प्रमुख सड़कों के ३२० किलोमीटर लंबे फुटपाथों को शामिल किया गया है। कार्रवाई के दौरान निम्नलिखित अवैध रुकावटों पर तुरंत बुलडोजर और जब्ती की कार्रवाई की जा रही है:
- अनधिकृत फेरीवाले और अवैध दुकानें: फुटपाथों पर कब्जा जमाकर बैठे अवैध स्टॉलों को हटाया जाए।
- लावारिस गाड़ियां और मलबे: लंबे समय से खड़े लावारिस वाहनों, कचरे के ढेरों और निर्माण मलबे को जब्त किया जाए ।
- अवैध होर्डिंग्स: पैदल यात्रियों के रास्ते में बाधा बनने वाले विज्ञापनों और फ्लेक्स को हटाया जाए ।
➤ अधिकारियों की जवाबदेही तय, रोज भेजनी होगी ‘बिफोर-आफ्टर’ रिपोर्ट
अभियान को कागजों तक सीमित न रखकर धरातल पर प्रभावी बनाने के लिए बीएमसी ने प्रशासनिक समीक्षा की कठोर व्यवस्था लागू की है।
सभी वार्ड सहायक आयुक्तों को दैनिक आधार पर फुटपाथों का निरीक्षण करने और ‘कार्रवाई से पहले व बाद’ की तस्वीरों के साथ दैनिक रिपोर्ट मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, ताकि एक बार साफ किए गए फुटपाथों पर दोबारा अवैध कब्जा न हो सके।

