दो अन्य नाबालिग बच्चियों से दरिंदगी के मामलों में कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
महाराष्ट्र भूमि | आटपाडी (सांगली):
सांगली जिले के आटपाडी तालुका को झकझोर देने वाले नाबालिग बच्ची से यौन उत्पीड़न और हत्या मामले में सत्र न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए 70 वर्षीय आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है। दोषी करार दिए गए आरोपी को दो अन्य नाबालिग बच्चियों के साथ यौन शोषण के दो अलग-अलग मामलों में अदालत ने आखिरी सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश रविकिरण भागवत की अदालत ने सुनाया। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील आरती आनंद देशपांडे-साठविलकर ने पक्ष रखा।
➤ कुएं में मिला था मासूम का शव:
यह वारदात 7 जनवरी 2018 को आटपाडी तालुका के गलवेवाडी इलाके में घटी थी, जब 8 वर्षीय मासूम बच्ची दोपहर करीब 4 बजे घर से अचानक लापता हो गई थी। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो अगले दिन सुबह उसका शव गलवेवाडी स्थित जगमाई के कुएं में बरामद हुआ। पोस्टमाॉर्टम और मेडिकल रिपोर्ट में बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न और गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
➤ दूसरे मामले से मिला सुराग:
वारदात के बाद शुरुआती 6 महीनों तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहा। इस बीच, 26 जुलाई 2018 को दो अन्य नाबालिग बच्चियों से यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी के खिलाफ आटपाडी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। इस जांच के दौरान पीड़ितों और उनकी मां के धारा 164 के तहत अदालत में बयान दर्ज किए गए। इन बयानों से पुलिस को सुराग मिला कि 7 जनवरी को मृत बच्ची के साथ भी आरोपी मौजूद था। इसके बाद पुलिस ने जांच की दिशा बदली और काळेल को मुख्य आरोपी बनाया।
➤ महत्वपूर्ण साक्ष्यों ने दिलाई सजा:
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने हत्या के बाद शव को लोहे की अनाज की कोठी और चादर में छिपाने की कोशिश की थी, जिसे बाद में कुएं में फेंक दिया गया। पुलिस ने जब चादर और कोठी जब्त की, तो चादर पर लगी बिंदी की पहचान मृत बच्ची के दादा-दादी ने की। इसके अलावा, कोल्हापुर फॉरेंसिक लैब की जांच रिपोर्ट में लोहे की कोठी पर इंसानी खून के निशान पाए गए।
➤ 19 गवाहों की गवाही:
इस मामले में अभियोजन पक्ष ने कुल 19 गवाहों के बयान दर्ज कराए। वैज्ञानिक साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों की गवाही को आधार मानते हुए अदालत ने शिवाजी काळेल को मासूम के साथ दरिंदगी और हत्या का दोषी माना तथा उसे मृत्युदंड की सजा सुनाई।

