- २७० कारण बताओ नोटिस जारी; २९ निर्माण स्थलों का काम रोकने के निर्देश
■ मुंबई | महाराष्ट्र भूमि
मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए महानगरपालिका ने बिल्डरों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का रुख अपना लिया है। निर्माण स्थलों पर प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का उल्लंघन करने के मामले में १ से २३ अक्टूबर की अवधि के दौरान कुल २७० कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, नियमों का पालन करने के लिए मोहलत देने के बावजूद आवश्यक उपाय नहीं करने वाले २९ निर्माण स्थलों को ‘काम बंद’ करने का निर्देश दिया गया है। इस कार्रवाई से प्रदूषण नियंत्रण के नियमों की अनदेखी करने वाले विकासकर्ताओं में हड़कंप मच गया है।
मानसून समाप्त होने के बाद से मुंबई की हवा की गुणवत्ता में गिरावट दर्ज होने लगी है। निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल और उसके कारण बढ़ने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए महानगरपालिका ने निरीक्षण और निगरानी की प्रक्रिया को और तेज कर दिया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की नीति अपनाई गई है।
पालिका अधिकारियों ने अक्टूबर के पहले सप्ताह से ही निर्माण स्थलों का औचक निरीक्षण शुरू कर दिया था। इस जांच के दौरान जिन निर्माण स्थलों पर प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का उल्लंघन पाया गया, उन्हें सबसे पहले कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। संबंधितों को नियमों का पालन करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया था। इसके बावजूद, तय अवधि में आवश्यक उपाय न करने वाले २९ निर्माण स्थलों पर काम रोकने की सख्त कार्रवाई की गई। अब जब तक प्रदूषण नियंत्रण के लिए जरूरी उपाय नहीं किए जाते, तब तक इन स्थलों पर निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जा सकेगा।
पालिका की जांच के दौरान निर्माण स्थलों पर कई प्रकार की अनियमिताएं और त्रुटियां सामने आईं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- धूल उड़ने से रोकने के लिए नियमित रूप से पानी का छिड़काव न करना।
- निर्माण परिसर के चारों ओर आवश्यक बैरिकेड्स (घेरने की व्यवस्था) न लगाना।
- हवा की गुणवत्ता मापने के लिए सेंसर का स्थापित न होना।
- निर्माण स्थल को सुरक्षा जाली या शीट से पूरी तरह न ढंकना।
इन उपायों के अभाव में निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल सीधे हवा में मिलकर प्रदूषण को और बढ़ा रही है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
- कार्रवाई के लिए २२७ पथक तैनात
निर्माण स्थलों पर प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का कड़ाई से पालन हो रहा है या नहीं, इस पर पैनी नजर रखने के लिए महानगरपालिका द्वारा २२७ विशेष टीमों को तैनात किया गया है। इन टीमों में महानगरपालिका के अलावा मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी भी शामिल हैं। ये टीमें मुंबई के विभिन्न प्रशासनिक विभागों में लगातार निर्माण स्थलों की औचक जांच कर रही हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले विकासकर्ताओं और ठेकेदारों को नोटिस भेजने के साथ-साथ आवश्यकतानुसार काम बंद कराने की यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, जिससे निर्माण क्षेत्र में नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

