➤ ‘महाराष्ट्र ऊर्जा एक्सपो पुरस्कार 2026’ में चमका नवी मुंबई का नाम; सौर परियोजनाओं के लिए राज्य स्तर पर सम्मानित
महाराष्ट्र भूमि | नवी मुंबई
नवी मुंबई महानगरपालिका के खाते में एक और बड़ी और ऐतिहासिक सफलता जुड़ गई है। ऊर्जा क्षेत्र में सतत, शाश्वत और पर्यावरण-अनुकूल शहरी विकास के लिए नवी मुंबई मनपा को ‘महाराष्ट्र ऊर्जा एक्सपो पुरस्कार 2026’ में ‘नवीकरणीय ऊर्जा आधारित शहरी प्रशासन में उत्कृष्टता’ के प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
यह गौरवशाली पुरस्कार नागपुर में आयोजित एक विशेष और भव्य समारोह में ‘महाराष्ट्र ऊर्जा विकास प्राधिकरण’ के क्षेत्रीय निदेशक सारंग महाजन द्वारा नवी मुंबई मनपा के विद्युत विभाग को प्रदान किया गया। मनपा की इस बड़ी राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि पर महापौर सुजाता पाटिल और मनपा आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे ने शहर अभियंता शिरीष आरदवाड सहित पूरे विद्युत विभाग की टीम का विशेष अभिनंदन किया है।
➤ सौर ऊर्जा और एलईडी से बदली शहर की सूरत
नवी मुंबई मनपा ने पिछले कुछ वर्षों में स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए जमीन पर बेहतरीन कार्य किया है:
➤ सार्वजनिक इमारतों पर सोलर:
शहर की २५ सार्वजनिक इमारतों और ५० सार्वजनिक सुविधाओं पर सौर ऊर्जा परियोजनाएं सफलतापूर्वक स्थापित की गई हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से सालाना ३.५ लाख यूनिट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। साथ ही १.२ मेगावाट की स्थापित क्षमता के साथ ४,५०० MWh से अधिक ऊर्जा की बचत की जा रही है।
➤ स्मार्ट स्ट्रीट लाइट्स:
पूरे शहर में ५१ हजार से अधिक अत्याधुनिक सौर और एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं, जिसने मनपा के बिजली खर्च, रखरखाव लागत और कार्बन उत्सर्जन को काफी कम कर दिया है।
➤ मोरबे बांध पर १०० मेगावाट की ‘फ्लोटिंग सोलर’ परियोजना होगी गेम-चेंजर
नवी मुंबई महानगरपालिका ने इस पर्यावरण अभियान में आम नागरिकों को जोड़ने के लिए विभिन्न कार्यशालाओं और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से बड़े पैमाने पर जन-जागरूकता फैलाई है। आने वाले समय में पीपीपी मॉडल के तहत ‘मोरबे डैम’ पर बनने वाली १०० मेगावाट की फ्लोटिंग सोलर परियोजना शहर के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बनकर साबित होगी, जो पहले चरण में ही सालाना १३५ मिलियन यूनिट स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन करेगी।
यह राज्य स्तरीय पुरस्कार नवी मुंबई को पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल, प्रदूषण मुक्त और ऊर्जा के क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर शहर’ बनाने की दिशा में एक बड़ी प्रेरणा साबित होगा।

