- महावितरण की रिपोर्ट में खुलासा: कटी हुई केबल के कारण पानी में उतरा था करंट
- मनपा की लापरवाही उजागर
महाराष्ट्र भूमि | नवी मुंबई (नेरुल): मानसून की शुरुआत के साथ ही नवी मुंबई में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। नेरुल इलाके में सड़क पर जमे बारिश के पानी में अचानक हाई-वोल्टेज करंट दौड़ने से दो कॉलेज छात्राएं गंभीर रूप से झुलस गईं। इस दर्दनाक घटना के बाद महावितरण की प्राथमिक जांच रिपोर्ट भी सामने आ गई है, जिसने प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
➤ घुटने भर पानी में उतरा ‘मौत का करंट’
यह खौफनाक घटना नेरुल के एल.पी. चौक स्थित बीकानेर स्वीट्स के सामने वाले सर्कल के पास घटी। भारी बारिश के कारण इस पूरे इलाके में घुटने तक पानी भर गया था। इसी दौरान वहां से पैदल गुजर रहीं दो कॉलेज छात्राएं— कु. उज्ज्वला लक्ष्मण वाघ और कु. शुभांगी सुभाष वालखंडे अचानक पानी में फैले करंट की चपेट में आ गईं।
करंट का झटका इतना जोरदार था कि दोनों छात्राएं वहीं पानी में गिरकर तड़पने लगीं। आसपास मौजूद स्थानीय नागरिकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर तत्परता दिखाई और दोनों को पानी से बाहर निकाला। उन्हें तुरंत रिक्शा से डी.वाई. पाटील अस्पताल में भर्ती कराया गया। नेरुल विभाग के सहायक पुलिस आयुक्त मयूर भुजबळ ने बताया कि समय पर इलाज मिलने के कारण फिलहाल दोनों छात्राओं की स्थिति स्थिर बनी हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही नवी मुंबई की महापौर सुजाता पाटिल ने अस्पताल पहुंचकर घायल छात्राओं और उनके परिजनों से मुलाकात की और डॉक्टरों को उचित इलाज के निर्देश दिए।
➤ महावितरण की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: लापरवाही किसकी?
इस हादसे के बाद शहर में फैले गुस्से को देखते हुए महावितरण (भांडुप परिमंडल) के जनसंपर्क विभाग ने अपनी प्राथमिक जांच रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट ने हादसे की मुख्य वजह को साफ कर दिया है:
➤कटी हुई केबल बनी वजह: जांच के मुताबिक, एल.पी. नाका फ्लाईओवर के नीचे नवी मुंबई महानगरपालिका के स्ट्रीट लाइट कनेक्शन से इलाके की बत्तियों को बिजली सप्लाई की जाती है। महावितरण के अधिकारियों ने जब मौके का मुआयना किया, तो पाया कि बिजली मीटर से निकलने वाली आउटगोइंग केबल का इंसुलेशन (प्लास्टिक कवर) एक जगह से कटा हुआ था।
➤ पानी के संपर्क से फैला करंट: बारिश का पानी जैसे ही इस कटी हुई लाइव केबल के संपर्क में आया, पूरा जलजमाव वाला इलाका इलेक्ट्रिक जोन में तब्दील हो गया और वहां से गुजर रहीं छात्राएं इसकी शिकार हो गईं।
➤ महावितरण ने पल्ला झाड़ा : महावितरण ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया है कि जिस स्ट्रीट लाइट कनेक्शन और आउटगोइंग केबल के कारण यह हादसा हुआ, वह नवी मुंबई महानगरपालिका के मालिकाना हक में आती है और उसकी देखरेख की जिम्मेदारी भी मनपा के विद्युत विभाग की है।
हादसे के तुरंत बाद सहायक विद्युत निरीक्षक सोनवणे ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सुरक्षा के लिहाज से महावितरण ने उस पूरे फीडर की बिजली सप्लाई को तुरंत बंद कर दिया है।
➤ जनता में भारी आक्रोश, उठे गंभीर सवाल
इस हादसे ने मानसून से पहले महानगरपालिका और बिजली विभाग द्वारा किए जाने वाले ‘प्री-मानसून मेंटेनेंस’ के दावों की पोल खोल कर रख दी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर कटी हुई केबल्स और स्ट्रीट लाइट्स की समय पर जांच की गई होती, तो दो मासूम बच्चियों की जान जोखिम में न पड़ती।
अब इस मामले की आगे की तकनीकी जांच और कार्रवाई नवी मुंबई मनपा के विद्युत विभाग द्वारा की जाएगी। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या इस तरह की जानलेवा लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई सख्त कार्रवाई होगी, या हर बार की तरह मनपा और महावितरण एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालते रहेंगे?

