- ‘नमस्ते’ योजना के तहत कचरा बीनने वाली महिलाओं को पीपीई किट और आयुष्मान भारत कार्ड का वितरण
- 10वीं पास करने वाली महिलाओं का भी हुआ सम्मान
महाराष्ट्र भूमि | नवी मुंबई
देश के सबसे स्वच्छ शहरों की ‘सुपर स्वच्छता लीग’ की विशेष श्रेणी में नवी मुंबई महानगरपालिका का शीर्ष स्थान कायम है। इस गौरव को हासिल करने में हमारे स्वच्छता कर्मियों और अनौपचारिक रूप से कचरा बीनने वाली महिलाओं का सबसे बड़ा योगदान है। विपरीत परिस्थितियों और संघर्षों का सामना करते हुए समाज में मजबूती से खड़ी रहने वाली ये महिलाएं वास्तव में वंदनीय हैं। यह विचार नवी मुंबई की महापौर सुजाता पाटील ने नवी मुंबई महानगरपालिका द्वारा भारत सरकार की ‘नमस्ते’ (नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम) योजना के तहत आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान कही।
इस कार्यक्रम में मनपा क्षेत्र की अनौपचारिक कचरा बीनने वाली महिलाओं को पीपीई किट , आयुष्मान भारत कार्ड और नमस्ते पहचान पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर ठोस कचरा प्रबंधन विभाग के उपायुक्त डॉ. अजय गददे, स्त्री मुक्ति संगठन की प्रमुख प्रा. वृषाली मगदूम, मुख्य स्वच्छता अधिकारी राजूसिंग चव्हाण सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
➤ शिक्षा की कोई उम्र नहीं होती: महापौर
महापौर सुजाता पाटील ने कोरोना काल का स्मरण करते हुए कहा कि महिलाओं ने संकट के समय समाज को संभाला है। घर-परिवार की जिम्मेदारी निभाते हुए शहर को स्वच्छ रखने में योगदान देने वाली और साथ ही इस उम्र में 10वीं की बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली महिलाओं की जितनी सराहना की जाए, वह कम है। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि शिक्षा की कोई उम्र नहीं होती और वे समाज के लिए एक प्रेरणा बन गई हैं।
➤ 930 महिलाओं का हुआ प्रोफाइलिंग, पहले चरण में 448 महिलाओं को पीपीई किट का होगा वितरण
ठोस कचरा प्रबंधन विभाग के उपायुक्त डॉ. अजय गददे ने बताया कि ‘नमस्ते’ योजना के अंतर्गत कचरा बीनने वाले भाई-बहनों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस दिशा में ‘परिसर सखी विकास संस्था’ के माध्यम से अब तक 930 महिलाओं का प्रोफाइलिंग पूरा किया जा चुका है। योजना के पहले चरण में प्राप्त 448 पीपीई किट का वितरण शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा, ई-रिक्शा कचरा संग्रहण वाहन चलाने वाली महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
➤ देशभर में सराहा जा रहा है ‘जीरो वेस्ट स्लम मॉडल’
स्त्री मुक्ति संगठन की प्रमुख प्रा. वृषाली मगदूम ने बताया कि नवी मुंबई के 5 स्लम क्षेत्रों में चलाया जा रहा ‘जीरो वेस्ट स्लम मॉडल’, देश भर में एक अनूठा और अनुकरणीय प्रयोग बनकर उभरा है। उन्होंने कचरा बीनने वाली महिलाओं को मुख्यधारा और सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए मनपा प्रशासन के निरंतर सहयोग की सराहना की।
समारोह में इनका हुआ विशेष सम्मान:
नमस्ते योजना लाभ: नंदा घुले, आशामती शेंडगे, शशिकला कसबे, चंद्रकला जाधव, सावित्री सगणे, शोभा पालराज, लैलाबी शेख, लक्ष्मी कांबले सहित कई महिलाओं को पीपीई किट और सुरक्षा सामग्री प्रदान की गई।
ई-रिक्शा चालक महिलाएं: यूएनडीपी (UNDP) योजना के तहत दीघा, रबाले, ऐरोली और घनसोली क्षेत्रों में कचरा संग्रहण के लिए ई-रिक्शा चलाने वाली रुक्मिणी पॉल, कविता कुडवे, राधा गुप्ता, सुनीता सुरवाडे, निकिता सोमवंशी, प्रतीक्षा कुडवे, सुनीता वाकले, सुवर्णा कलाम और आनंदी कांबले को सम्मानित किया गया।
10वीं उत्तीर्ण महिलाएं: ‘आता थांबायचं नाय’ फिल्म से प्रेरणा लेकर स्त्री मुक्ति संगठन और प्रभात ट्रस्ट के माध्यम से इस वर्ष 10वीं की बोर्ड परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने वाली 11 कचरा बीनने वाली महिलाओं को महापौर के हाथों विशेष रूप से गौरवान्वित किया गया।

