मतदान करना संविधान द्वारा प्रत्येक भारतीय नागरिक को दिया गया एक अमूल्य अधिकार है। मतदाता सूची में नाम सुनिश्चित करने के लिए ‘विशेष पुनरीक्षण अभियान ‘ प्रक्रिया 30 जून से प्रारंभ करने की घोषणा की है। इसी की जानकारी एक पत्रकार परिषद् में देते हुए आयुक्त डॉ कैलास शिंदे ने कहा की प्रत्येक मतदाता को वर्ष 2002 की मतदाता सूची के साथ मैपिंग कराना अनिवार्य है। इस प्रक्रिया के तहत 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक मतदान केंद्र स्तरीय अधिकारी आपके घर आएंगे। नागरिकों को उनके द्वारा दिए गए गणना-पत्र में सही जानकारी भरकर उसे बीएलओ को ही वापस सौंपना होगा।
इस दौरान नवी मुंबई मनपा आयुक्त डॉ. कैलाश शिंदे ने सभी नागरिकों और राजनीतिक दलों से इस राष्ट्रीय कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।
इस अवसर पर नमुंमपा आयुक्त डॉ. कैलाश शिंदे, अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी एवं नमुंमपा अतिरिक्त आयुक्त सुनील पवार, 150-ऐरोली की मतदाता पंजीकरण अधिकारी प्रीति पाटिल और 151-बेलापुर की मतदाता पंजीकरण अधिकारी अश्विनी पाटिल प्रमुखता से उपस्थित थीं।
➤ 9.19 लाख से अधिक मतदाताओं की पात्रता की होगी जांच
इस विशेष पुनरीक्षण अभियान अंतर्गत नवी मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र के 2 विधानसभा क्षेत्रों के 827 मतदान केंद्रों से जुड़े कुल 9,19,697 मतदाताओं के नामों की पात्रता जांची जाएगी। इस कार्य को सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए 150-ऐरोली मतदार संघ के लिए 18 और 151-बेलापुर मतदार संघ के लिए 20, यानी कुल 38 सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
इससे पहले घोषित ‘सेल्फ मैपिंग’ और ‘प्रोजेनी मैपिंग’ के तहत कुल 9,19,697 मतदाताओं में से 4,97,591 मतदाताओं की मैपिंग का कार्य पूरा हो चुका है। अब शेष कार्य के लिए 30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर गणना-पत्र की दो प्रतियां वितरित करेंगे और नागरिकों द्वारा हस्ताक्षरित फॉर्म वापस संकलित करेंगे।
➤वर्ष 2002 की मतदाता सूची से ऐसे जोड़ें नाम
जिन मतदाताओं के नाम 2024 की मतदाता सूची में तो शामिल हैं, लेकिन वर्ष 2002 में आयु कम होने के कारण उनका नाम उस समय की सूची में नहीं था, ऐसे मतदाताओं को अपने माता/पिता या दादा/दादी का वर्ष 2002 की मतदाता सूची में दर्ज नाम, भाग संख्या और मतदाता क्रमांक की जानकारी ढूंढनी होगी। यह जानकारी भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://electoralsearch.eci.gov.in/ या ‘ECI NET’ ऐप पर ऑनलाइन खोजी जा सकती है।
यदि यह जानकारी उपलब्ध है, तो मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए अलग से कोई अन्य प्रमाण देने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, यदि आपका या आपके परिवार का नाम वर्ष 2002 की सूची में नहीं मिलता है, तो आपको अपनी जन्मतिथि के अनुसार गणना-पत्र में उल्लिखित आवश्यक दस्तावेजों की प्रतियां सुनवाई के समय जमा करनी होंगी।
महत्वपूर्ण तिथियां और आगामी कार्यक्रम:
➤30 जून से 29 जुलाई 2026: बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना-पत्र का वितरण और संकलन।
➤5 अगस्त 2026: प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची का प्रकाशन।
➤5 अगस्त से 4 सितंबर 2026: प्रारूप सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि।
➤5 अगस्त से 3 अक्टूबर 2026: दावों और आपत्तियों के निपटारे की अवधि।
➤7 अक्टूबर 2026: अंतिम (फाइनल) मतदाता सूची का प्रकाशन।
➤ अपील का अधिकार
यदि अंतिम रूप से प्रकाशित मतदाता सूची में आपके द्वारा किए गए दावे या आपत्तियां खारिज कर दी जाती हैं, तो आप अगले 15 दिनों के भीतर जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (ठाणे) के समक्ष अपील कर सकते हैं। यदि आप उनके निर्णय से भी संतुष्ट नहीं हैं, तो अगले 15 दिनों के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, महाराष्ट्र राज्य के पास अंतिम अपील दायर की जा सकती है।
“कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से छूटे नहीं और किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न हो” — यह भारत निर्वाचन आयोग का मुख्य ध्येय वाक्य है। प्रशासन ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि जब बीएलओ आपके घर आएं, तो उन्हें पूरा सहयोग दें, गणना-पत्र भरकर उनके पास जमा करें और उसकी रसीद अवश्य प्राप्त करें।

