महाराष्ट्र भूमि | मुंबई
हाथियों और अन्य वन्य जीवों के कारण किसानों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए प्रभावी उपाय योजना करने के साथ-साथ, वन्य जीवों से होने वाली क्षति के बदले किसानों को दी जाने वाली मुआवजा राशि को व्यावहारिक दृष्टिकोण से बढ़ाने के निर्देश वन मंत्री गणेश नाइक ने दिए।
सिंधुदुर्ग जिले के सावंतवाड़ी निर्वाचन क्षेत्र में हाथियों और अन्य जंगली जानवरों से किसानों को होने वाले नुकसान, दोडामार्ग तहसील में वन्यजीव संरक्षण के लिए अधिसूचित भूमि के उपयोग तथा सावंतवाड़ी तहसील के आरोंदा में मैंग्रोव (कांदळवन) बोर्डवॉक व इंटरप्रिटेशन सेंटर के अटके हुए कामों में तेजी लाने को लेकर वन मंत्री गणेश नाईक की अध्यक्षता में एक बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में तीनों विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
सिंधुदुर्ग जिले की विभिन्न समस्याओं को लेकर सांसद सुनील तटकरे, विधायक दीपक केसरकर और विधायक नीलेश राणे ने ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखी थीं।
➤ हाथियों के उपद्रव पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश
वन मंत्री गणेश नाईक ने कहा कि पश्चिम महाराष्ट्र में तेंदुओं का, तो कोंकण क्षेत्र में हाथियों का उपद्रव बढ़ गया है। हाथियों के उपद्रव के कारण कृषि भूमि का नुकसान नहीं होना चाहिए, इसके लिए प्रभावी कदम उठाने पर उन्होंने जोर दिया। इतना ही नहीं वन्य जीवों के कारण होने वाले नुकसान का मुआवजा देते समय किसानों के प्रति व्यावहारिक रुख अपनाते हुए मुआवजा राशि में आवश्यक बढ़ोतरी करने के भी निर्देश दिए। सिंधुदुर्ग जिले में हाथियों की समस्या पर तुरंत काबू पाने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों को ट्रैंक्विलाइज़र उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
➤ दोडामार्ग में वन्यजीव संरक्षण के उपाय
दोडामार्ग तहसील स्थित तिलारी बांध के जलग्रहण क्षेत्र की भूमि को वन्यजीवों के संरक्षण के लिए अधिसूचित किया गया। इस जमीन की आवश्यक बाड़बंदी करने, जंगली जानवरों को इस क्षेत्र में स्थानांतरित करने तथा उनके सुरक्षित प्राकृतिक आवास के लिए आवश्यक कदम उठाने पर बैठक में चर्चा हुई। वन मंत्री नाईक ने अधिकारियों को इन कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से तेज करने के निर्देश दिए।
➤ आरोंदा मैंग्रोव परियोजना के काम में तेजी लाएं
सावंतवाड़ी तहसील के आरोंदा क्षेत्र में ‘कांदळवन बोर्डवॉक’ और ‘इंटरप्रिटेशन सेंटर’ जैसी परियोजनाओं को मैंग्रोव प्रतिष्ठान के माध्यम से स्वीकृति दी गई। हालांकि इन कार्यों के नक्शे और आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन प्रत्यक्ष काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है। इसके अलावा, इन कार्यों के लिए स्वीकृत निधि की समयावधि बढ़ाना आवश्यक होने की बात भी बैठक में ध्यान में लाई गई।
वन मंत्री गणेश नाईक ने मैंग्रोव पार्क सहित संबंधित विकास कार्यों में तेजी लाकर स्थानीय निवासियों की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि आम जनता की कठिनाइयां दूर होनी चाहिए और सभी विकास कार्य तय सीमा के भीतर पूरे किए जाने चाहिए।

