महाराष्ट्र भूमि | नवी मुंबई:
नेरुल स्थित रामलीला मैदान में इस वर्ष भी युवासेना नवी मुंबई जिला सचिव गितेन पाटिल के नेतृत्व में ‘माखन चोर दहीहंडी 2026’ का भव्य आयोजन अत्यंत उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस वर्ष दहीहंडी उत्सव का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना था, जिसे “Say No to Drugs” के प्रमुख सामाजिक संदेश के साथ प्रस्तुत किया गया।
इस भव्य आयोजन की सबसे खास और सराहनीय बात यह रही कि दहीहंडी की पहली सलामी Palvit Foundation के दिव्यांग गोविंदाओं के हाथों दिलाई गई। इसके माध्यम से आयोजकों ने समाज में समानता, समावेशिता और दिव्यांगों के प्रति सम्मान व सशक्तिकरण का एक अनूठा और प्रेरणादायी संदेश दिया।
गौरतलब है कि गितेन पाटिल द्वारा पिछले चार वर्षों से इस दहीहंडी उत्सव का भव्य स्तर पर आयोजन किया जा रहा है और हर वर्ष किसी न किसी महत्वपूर्ण सामाजिक विषय को केंद्र में रखा जाता है। इस बार “Say No to Drugs” के जरिए युवाओं को नशामुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान देने का आह्वान किया गया।
उत्सव के दौरान पारंपरिक आगरी-कोली संस्कृति पर आधारित ऑर्केस्ट्रा एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। पूरे कार्यक्रम में दहीहंडी के उल्लास के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश गूंजता रहा।
इस कार्यक्रम में उपस्थित विधायक राजेश मोरे ने गितेन पाटिल के इस सामाजिक प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि
“केवल उत्सव मनाना ही नहीं, बल्कि उसके जरिए युवाओं को सही दिशा दिखाना और नशामुक्ति का संदेश देना निश्चित रूप से एक अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय कार्य है।”
वहीं, आयोजक गितेन पाटिल ने भी सभी उपस्थित नागरिकों, गोविंदा पथकों और अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी तरह सामाजिक सरोकारों के साथ उत्सव मनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

