- कल्याण-डोंबिवली और नवी मुंबई शहरों के बीच यातायात होगी अत्यधिक सुगम
■ महाराष्ट्र भूमि | मुंबई
मानपाडा-काटई नाका से तलोजा क्षेत्र को जोड़ने वाले 18.40 किलोमीटर लंबे मुंबई मेट्रो लाइन 12-ए प्रोजेक्ट को राज्य मंत्रिमंडल की बुनियादी ढांचा समिति ने अपनी स्वीकृति दे दी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने परियोजना के कार्य को अगले साढ़े तीन वर्षों के भीतर पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
मंत्रिमंडल की इंफ्रास्ट्रक्चर समिति की उच्चस्तरीय बैठक में इस नए मेट्रो कॉरिडोर को हरी झंडी दिखाई गई। बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और संबंधित विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मेट्रो लाइन 12-ए के निर्माण से औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों के साथ कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इसके साथ ही कल्याण-डोंबिवली और नवी मुंबई शहरों के बीच यातायात अत्यधिक सुगम हो जाएगा। उन्होंने राज्य में जारी सभी मेट्रो परियोजनाओं की गति बढ़ाकर उन्हें समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का क्रियान्वयन मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। मेट्रो लाइन और इंटीग्रेटेड फ्लाईओवर के निष्पादन के लिए MMRDA को विशेष नियोजन प्राधिकरण नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, परियोजना के प्रभाव क्षेत्र में आने वाली निर्धारित सरकारी जमीनों को परियोजना विकास और फंड जुटाने हेतु प्राधिकरण को हस्तांतरित करने की भी मंजूरी दी गई है।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं:
➤ मार्ग की लंबाई व स्वरूप: 18.40 किलोमीटर लंबा यह पूरा मेट्रो कॉरिडोर एलिवेटेड (उन्नत) होगा।
➤ स्टेशनों की संख्या: इस मार्ग पर कुल 12 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं।
➤ इंटीग्रेटेड फ्लाईओवर: परियोजना में 6.93 किलोमीटर लंबा 4-लेन और 8.69 किलोमीटर लंबा 6-लेन इंटीग्रेटेड फ्लाईओवर (कुल 15.62 किमी) शामिल है।
➤ प्रोजेक्ट लागत: ₹13,856 करोड़ की कुल अनुमानित लागत वाली इस परियोजना को 3.5 वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है।
➤ अनुमानित यात्री क्षमता: इस मार्ग पर प्रतिदिन लगभग 4 लाख 74 हजार यात्री सफर करेंगे।
इंटरकनेक्टिविटी व फीडर बस सेवा: काटई नाका पर मेट्रो लाइन 12 और बुलेट ट्रेन कनेक्टिंग रूट से, काटई नाका से कल्याण फाटा के बीच मेट्रो लाइन 14 से, और अमनदूत स्टेशन पर नवी मुंबई मेट्रो लाइन 1 से कनेक्टिविटी प्रस्तावित है। सभी स्टेशनों पर फीडर बस सेवा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
बता दे की इस मेट्रो परियोजना के शुरू होने से सड़क मार्ग की तुलना में यात्रा के समय में लगभग 50 प्रतिशत तक की कमी आने की उम्मीद है। सार्वजनिक परिवहन की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध होने से निजी वाहनों का उपयोग घटेगा। सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करना, पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय आर्थिक विकास के लिए सक्षम ट्रांसपोर्ट सिस्टम तैयार करना ही इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य है।

