- दिघा तालाब को वैकल्पिक जल स्रोत बनाने के लिए की जा रही पड़ताल
■ महाराष्ट्र भूमि नेटवर्क | नवी मुंबई
नवी मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन हरकत में आ गया है। इसी कड़ी में महापौर सुजाता पाटिल तथा सभागृह नेता सागर नाईक ने दिघा और कोपरखैरणे क्षेत्र में निर्माणाधीन ‘माता-बाल अस्पतालों’ का प्रत्यक्ष दौरा कर समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सुविधाओं को नागरिकों के लिए जल्द से जल्द शुरू करने के उद्देश्य से शेष कार्यों में तेजी लाई जाए।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में सभागृह नेता सागर नाईक द्वारा महानगरपालिका महासभा की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के सर्वांगीण विकास की नीति प्रस्तुत की थी। इसके तुरंत बाद धरातल पर प्रत्यक्ष कार्यान्वयन की शुरुआत कर दी गई है। नवी मुंबई के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ कराने की दृष्टि से दिघा और कोपरखैरणे स्थित माता-बाल अस्पताल तेजी से कार्यान्वित हों, इसी मुख्य उद्देश्य के साथ दोनों अस्पतालों की वर्तमान स्थिति तथा दिघा तालाब के सुशोभिकरण व विकास कार्यों का मुआयना किया गया।
➤ दिघा माता-बाल अस्पताल
निरीक्षण के दौरान महापौर सुजाता पाटिल ने बताया कि “दिघा स्थित माता-बाल अस्पताल का निर्माण कार्य ९० प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। वर्तमान में इलेक्ट्रिकल कार्य एवं विद्युत आपूर्ति से संबंधित एमएसईडीसीएल के काम प्रगति पर हैं।” उन्होंने निर्देश दिए कि इन कार्यों को त्वरित गति से पूरा किया जाए। साथ ही, भवन निर्माण के समानांतर ही अस्पताल के लिए आवश्यक आधुनिक चिकित्सा उपकरण, मशीनरी और प्रशिक्षित कर्मचारियों (मनुष्यबल) की भर्ती प्रक्रिया भी साथ-साथ चलाई जाए, ताकि इमारत तैयार होते ही इसे तुरंत जनसेवा में समर्पित किया जा सके।
दीघा स्थित अस्पताल की बढ़ी हुई क्षमता को ध्यान में रखते हुए, हालांकि पहले चरण में 50 बेड की माता बाल अस्पताल सुविधा शुरू हो रही है, लेकिन अगले चरण में अतिरिक्त 50 बेड वाले सामान्य अस्पताल (जनरल हॉस्पिटल) की आवश्यकता को पूरा करने के दृष्टिकोण से अभी से ही कार्रवाई शुरू की जाए, ऐसा सुझाव सभागृह नेता सागर नाईक ने अधिकारियों को दिया।
दूसरी ओर, “कोपरखैरने स्थित अस्पताल के निर्माण कार्य का निरीक्षण करते समय अस्पताल की सेवाएं प्रदान करने के लिए आवश्यक बातों में कुछ खामिया त्रुटियां पाई गई। अभियंता विभाग व स्वास्थ्य विभाग की मांग के अनुसार इन कमियों को दूर करने की कार्रवाई जल्द से जल्द करे। साथ ही, इस अस्पताल में भी मैन पावर और उपकरणों की आपूर्ति का कार्य शीघ्रता से हाथ में लिया जाए, ऐसे निर्देश महापौर सुजाता पाटिल ने दिए।”
➤ नागरिकों को घर के पास मिलेगी उत्तम स्वास्थ्य सेवा: सागर नाईक
निरीक्षण के दौरान सभागृह नेता सागर नाईक ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि “वनमंत्री व पालकमंत्री गणेश नाईक के ‘हेल्थ विजन’ के अनुसार नवी मुंबई के प्रत्येक नागरिक को उसके घर के समीप ही उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए हम पूरी तरह कटिबद्ध हैं।”
वही महापौर सुजाता पाटिल ने कहा कि, दीघा तालाब के स्थान पर पानी के प्राकृतिक स्रोत होने के कारण, उस जलाशय की सफाई करके इस पानी का उपयोग वर्तमान स्थिति में पीने के अलावा अन्य कार्यों के लिए करने का विकल्प तलाशा जाएगा—साथ ही तालाब पर घाट निर्माण और सौंदर्यीकरण के कार्यों को भी गति देने का सुझाव दिया गया.
महापौर ने यह भी बताया कि एमआईडीसी के शटडाउन के कारण दीघा क्षेत्र में होने वाली पानी की किल्लत को दूर करने के लिए, शटडाउन की इस अवधि के दौरान वैकल्पिक पानी उपलब्ध कराने का नियोजन (प्लानिंग) तत्परता से किया जा रहा है।
➤ दिघा और ऐरोली के जलसंकट का होगा स्थायी समाधान
सागर नाईक ने बताया कि वर्तमान में एमआईडीसी के माध्यम से हो रही जलापूर्ति के कारण दीघा और ऐरोली क्षेत्रों में महसूस की जा रही पानी की किल्लत अस्थायी है। मोरबे डैम की पाइपलाइन का वर्तमान में जारी काम एक वर्ष के भीतर पूरा हो जाएगा, जिसके बाद मोरबे डैम का पानी दीघा और ऐरोली क्षेत्रों को उपलब्ध होगा।
“शहर के विकास का अर्थ केवल ऊंची इमारतें और सुंदर सड़कें बनाना ही नहीं है, बल्कि नागरिकों को सभी सुविधाएं उच्च गुणवत्ता के साथ प्रदान करना और साथ ही शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण करना प्रमुख लक्ष्य है। इसी दृष्टिकोण से आज का यह निरीक्षण दौरा आयोजित किया गया था।”
— सुजाता पाटिल (महापौर, नवी मुंबई)
इस निरीक्षण दौरे के दौरान आरोग्य समिति के सभापति डॉ. जयाजी नाथ, जल आपूर्ति समिति के सभापति रविकांत पाटिल, स्थानीय नगरसेवक व नगरसेविकाएं, शहर अभियंता शिरीष आरदवाड, विभाग अधिकारी प्रबोधन मवाडे, भरत धांडे, कार्यकारी अभियंता संजय पाटिल, अजय संख्ये सहित महानगरपालिका के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य पदाधिकारी प्रमुखता से उपस्थित थे।

