महाराष्ट्र भूमि | मुंबई:
हर साल गणेशोत्सव में भगवान श्री गणेश के स्वागत के लिए तरह-तरह की कलात्मक और आकर्षक प्रस्तुतियां देखने को मिलती हैं। इस वर्ष मुंबई के कलाकार राहुल वरिया ने ‘मुंबई की ऑटो-रिक्शा और बाप्पा की सवारी’ विषय पर आधारित एक अत्यंत भावुक और अनोखी गणेश प्रतिमा साकार की है। ऑटो-रिक्शा में विराजे बाप्पा की यह ईको-फ्रेंडली (पर्यावरण के अनुकूल) प्रतिमा इस समय सभी के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है।
यह लगातार 15वां साल है जब राहुल वरिया ने अपने हाथों से शाडू मिट्टी का उपयोग कर पर्यावरण के अनुकूल गणेश प्रतिमा तैयार की है।
पिता के समर्पण और मेहनत को सलाम:
यह थीम केवल एक कलाकृति नहीं, बल्कि राहुल के परिवार से जुड़ी एक गहरी भावनात्मक कहानी है। राहुल के पिता पिछले 40 से अधिक वर्षों से घाटकोपर में पूरी ईमानदारी से ऑटो-रिक्शा चला रहे हैं। पूरे परिवार का सहारा बनने वाले और सालों से मुंबईकरों की सेवा करने वाले अपने पिता की कड़ी मेहनत और समर्पण को सम्मान (मानवंदना) देने के लिए राहुल ने इस वर्ष यह खास थीम चुनी है।

