- देखभाल, दुरुस्ती और सौंदर्यीकरण पर खर्च होंगे ₹74.84 करोड़
- वाशी, सानपाड़ा और सीबीडी बेलापुर फ्लाईओवर होंगे एनएमएमसी के पास
महाराष्ट्र भूमि | नवी मुंबई:
इस सप्ताह संपन्न होने वाली महासभा बैठक में महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम के अधिकार क्षेत्र वाले सायन-पनवेल राजमार्ग के प्रमुख फ्लाईओवरों का रखरखाव और मरम्मत अब नवी मुंबई महानगरपालिका द्वारा करने से जुड़ा प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। इस प्रस्ताव के तहत लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव और एमएसआरडीसी के निर्देशों के तहत वाशी, सानपाड़ा और सीबीडी (कोंकण भवन) फ्लाईओवरों को “जैसा है जहां है” की स्थिति में महापालिका को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव है।
इन तीनों फ्लाईओवरों की स्ट्रक्चरल मरम्मत, एप्रोच रोड के कंक्रीटीकरण और सुंदरीकरण कार्य के लिए कुल ₹75,55,28,175 का बजट तैयार किया गया है, जिसकी स्वीकृति महासभा में मंजूरी के बाद दी जाएगी।
➤ हस्तांतरण का कारण और पृष्ठभूमि:
14 अक्टूबर 2024 की मध्यरात्रि से सायन-पनवेल राजमार्ग के वाशी टोल प्लाजा सहित मुंबई के 5 प्रमुख प्रवेश द्वारों पर हलके वाहनों (कार, स्कूल बसों) को टोल मुक्त कर दिया गया था। टोलमुक्ति के बाद एमईपी ठेकेदार द्वारा फ्लाईओवरों की उचित मरम्मत न किए जाने के कारण वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों में भारी असंतोष था। एकीकृत नियोजन और बेहतर रखरखाव के उद्देश्य से राज्य सरकार ने इन ढांचों को स्थानीय मनपा प्रशासन को सौंपने का निर्णय लिया।
➤ खर्च का अनुमानित ब्योरा:
▪️︎ स्ट्रक्चरल मरम्मत खर्च (कुल तक़रीबन : ₹55.21 करोड़):
▪️︎ वाशी फ्लाईओवर: ₹20,20,49,701
▪️︎ सानपाड़ा फ्लाईओवर: ₹31,08,00,021
▪️︎ सीबीडी (कोंकण भवन) फ्लाईओवर: ₹3,92,81,823
➤ कंक्रीटीकरण एवं सुंदरीकरण खर्च (कुल: ₹20.33 करोड़):
▪️︎ वाशी फ्लाईओवर (मुंबई साइड एप्रोच रोड): ₹5,78,68,203
▪️︎ सानपाड़ा फ्लाईओवर: ₹5,96,50,493
▪️︎ सीबीडी (कोंकण भवन) फ्लाईओवर (पुणे साइड एप्रोच रोड): ₹8,58,67,934
➤ ठाणे खाड़ी पुलों को प्रक्रिया से बाहर रखा गया:
एमएसआरडीसी द्वारा ठाणे खाड़ी पल (१) व (२) के दो फ्लाईओवर भी सौंपने का प्रस्ताव था, लेकिन ये पुल नवी मुंबई महानगरपालिका के प्रशासनिक क्षेत्र (हद्द) से बाहर स्थित हैं। इसीलिए मनपा प्रशासन ने केवल अपने क्षेत्र में आने वाले 3 फ्लाईओवरों (वाशी, सानपाड़ा और सीबीडी बेलापुर) को स्वीकार करने और वाशी खाड़ी पुलों को इस प्रक्रिया से अलग रखने का निर्णय लिया है।

