- “लापरवाही बरतने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई”
महाराष्ट्र भूमि | मुंबई
प्रदेश में जारी विकास परियोजनाओं में तेजी लाने और शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के मकसद के साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के मंत्रियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। लगभग दो घंटे तक चली इस उच्चस्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री ने काफी समय से लंबित पड़ी योजनाओं, बजट के सही इस्तेमाल और काम में हो रही देरी को लेकर संबंधित मंत्रियों और अफसरों की जमकर क्लास ली।
मंत्रालय के समिति सभागार में आयोजित इस बैठक में शिवसेना कोटे के सभी मंत्रियों के साथ उनके विभागों के विशेष कार्य अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान ‘विकसित महाराष्ट्र 2047’ के विजन डॉक्यूमेंट के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के निर्धारित लक्ष्यों और बीते डेढ़ साल में लिए गए प्रमुख फैसलों पर हुए काम का गहन आकलन किया गया।
➤ सुस्त कार्यशैली और फंड के इस्तेमाल पर मांगी रिपोर्ट
आम जनता के काम समय पर न होने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उपमुख्यमंत्री शिंदे ने हर विभाग के काम-काज का बारीकी से हिसाब मांगा। उन्होंने साफ शब्दों में पूछा कि कौन-सी योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, कौन-सी अभी रुकी हुई हैं और उनके देरी के पीछे पैसों की तंगी है या प्रशासनिक लापरवाही। इसके साथ ही उन्होंने अंतिम चरण में चल रही सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत पूरा करने का हुक्म दिया।
➤ “लापरवाही बरतने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई”
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आश्वस्त किया कि जनहित से जुड़ी विकास योजनाओं के लिए धन की कोई कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। हालांकि, उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अपने दायित्वों के प्रति जरा सी भी लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी मंत्रियों और अधिकारियों को राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास से जुड़े प्रोजेक्ट्स को युद्ध स्तर पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

