- वाढवण बंदरगाह, बुलेट ट्रेन, एयरपोर्ट और सी-लिंक परियोजनाओं की समीक्षा
- पालघर जिला के पालकमंत्री गणेश नाईक मौजूद
महाराष्ट्र भूमि | पालघर (मोनिका भोसले ):
महाराष्ट्र राज्य के बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास को एक नई दिशा और गति देते हुए, पालघर जिला में राज्य सरकार की कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की जमीनी समीक्षा करने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पालघर जिले का दौरा किया। इस समीक्षा दौरे के दौरान मुख्यमंत्री फडणवीस ने वाढवण बंदरगाह, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना, प्रस्तावित वाढवण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, नारंगी खाड़ी पुल और उत्तन-विरार सी-लिंक जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के कार्यों का निरीक्षण किया और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर राज्य के वन मंत्री व पालघर जिले के पालकमंत्री गणेश नाईक, मत्स्य पालन व बंदरगाह मंत्री नितेश राणे, सांसद डॉ. हेमंत सवरा, विधायक राजेंद्र गावित के साथ-साथ कोंकण संभाग के पुलिस महानिरीक्षक चंद्रकिशोर मीना, महाराष्ट्र विमानपत्तन विकास कंपनी के उपाध्यक्ष व प्रबंध निदेशक दीपक कपूर, जेएनपीए के अध्यक्ष गौरव दयाल, मीरा-भायंदर वसई-विरार के पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
➤ देश के सबसे बड़े गहरे समुद्री बंदरगाहों में से एक होगा ‘वाढवण’
चिंचणी समुद्र तट पर प्रस्तावित वाढवण बंदरगाह परियोजना का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आंतरिक सड़कों के नेटवर्क, वन मंजूरी, बिजली आपूर्ति, रेलवे कनेक्टिविटी, भूमि अधिग्रहण, जलापूर्ति, कौशल विकास और मछुआरों के मुआवजे से जुड़े कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्य बिंदु :
➤परियोजना लागत: लगभग ₹76,220 करोड़
➤कुल क्षेत्रफल: 1,448 हेक्टेयर
➤ समय सीमा: अगले 60 महीनों (5 वर्ष) में पूरा करने का लक्ष्य
➤खासियत: अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जनरेशन’ जहाजों को संभालने की क्षमता वाला यह ग्रीनफील्ड बंदरगाह भारत के सबसे बड़े गहरे समुद्री बंदरगाहों में से एक होगा।
➤बुलेट ट्रेन और प्रस्तावित हवाई अड्डे का निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत बोईसर स्टेशन के निर्माणाधीन कार्यों और परियोजना के ब्लूप्रिंट का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से काम की गति, गुणवत्ता और तय समय सीमा में काम पूरा करने को लेकर चर्चा की।
इसके बाद, प्रस्तावित वाढवण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की जगह का भी निरीक्षण किया गया। यह हवाई अड्डा डीएफसी (डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर), बुलेट ट्रेन, उत्तन-विरार सी-लिंक, मुंबई-वडोदरा एक्सप्रेसवे और मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग के नजदीक होने के कारण वाढवण और मुरबे बंदरगाहों से माल ढुलाई को भारी बढ़ावा देगा। साथ ही, मुंबई एयरपोर्ट पर यात्रियों के बढ़ते दबाव को कम करने में भी यह बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।
➤ नारंगी खाड़ी पुल और उत्तन-विरार सी-लिंक से आसान होगा सफर
मुख्यमंत्री ने एमएमआरडीए द्वारा बनाए जा रहे नारंगी खाड़ी पुल के काम की भी समीक्षा की।
मुख्य बिंदु :
➤लागत व लंबाई: ₹850 करोड़ की लागत से बनने वाला यह पुल 4.10 किलोमीटर लंबा और 12 मीटर चौड़ा होगा।
➤फायदा: इससे वसई-विरार का सफाले, पालघर और बोईसर शहरों से सीधा संपर्क स्थापित होगा, जिससे यात्रा की दूरी करीब 40 किलोमीटर और समय में 45 मिनट की बचत होगी।
➤उत्तन-विरार सी-लिंक परियोजना
करीब ₹58,754.51 करोड़ की लागत वाले इस छह-लेन के समुद्री पुल (सी-लिंक) में चार-लेन की कनेक्टिंग सड़कें और दोनों तरफ इमरजेंसी लेन प्रस्तावित हैं। इसकी सीधी कनेक्टिविटी मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग से होने के कारण दक्षिण मुंबई से अहमदाबाद के बीच का सफर बेहद तेज, सुरक्षित और सुगम हो जाएगा।

