- हरदीप पुरी, स्मृति ईरानी व बी.एल. वर्मा को नहीं मिला मौका; संगठन और जातीय समीकरण पर पार्टी का बड़ा दांव
महाराष्ट्र भूमि | अर्चना त्रिपाठी :
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले आगामी चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय चुनाव समिति ने अपने आठ उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। इस सूचि के साथ पार्टी के इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज कर दी है। सूची में कई बड़े दिग्गजों के नाम गायब हैं, जिनमें केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय राज्य मंत्री बनवारी लाल वर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी शामिल हैं।
गहन मंथन के बाद जारी की गई इस सूची में भाजपा ने केंद्रीय मंत्रियों और बड़े चेहरों की जगह संगठन से जुड़े नेताओं और क्षेत्रीय-जातीय समीकरणों को प्राथमिकता दी है।
इन्हें मिला भाजपा से मौका
भाजपा द्वारा घोषित 8 उम्मीदवारों की सूची में निम्नलिखित नाम शामिल हैं:
- धर्मपाल सिंह (कैबिनेट मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार)
- राधाकांत ओझा (पूर्व अध्यक्ष, इलाहाबाद उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन)
- गोपी कृष्ण पांडे (वरिष्ठ संगठन नेता)
- प्रकाश पाल (क्षेत्रीय अध्यक्ष, कानपुर बुंदेलखंड)
- विद्यासागर सोनकर (पूर्व सांसद व प्रदेश महामंत्री)
- प्रियंका सिंह रावत (पूर्व सांसद, बाराबंकी)
- राम प्रताप सिंह चौहान (प्रदेश महामंत्री)
- श्रुति गंगवार (महिला प्रतिनिधि, रोहिलखंड क्षेत्र)
मिशन 2027: जातीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश
आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने उम्मीदवारों का चयन बेहद सतर्कता के साथ किया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, चयन प्रक्रिया में ‘सोशल इंजीनियरिंग’ का विशेष ध्यान रखा गया है:
➤ सवर्ण वर्ग (3): सवर्ण समुदाय से तीन नेताओं को टिकट दिया गया है। इनमें राधाकांत ओझा और गोपी कृष्ण पांडे के रूप में दो ब्राह्मण चेहरे शामिल हैं, जबकि राम प्रताप सिंह चौहान के रूप में एक राजपूत चेहरा है।
➤ पिछड़ा वर्ग – ओबीसी (3): अन्य पिछड़ा वर्ग से तीन उम्मीदवारों (धर्मपाल सिंह, प्रकाश पाल और श्रुति गंगवार) को नामांकित किया गया है, जो कुर्मी, लोधी और पाल समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं।
➤ अनुसूचित जाति – एससी (2): दलित समुदाय से विद्यासागर सोनकर समेत दो नेताओं को प्रतिनिधित्व करने का मौक़ा दिया गया है।
➤ महिला प्रतिनिधित्व (2): आधी आबादी को साधने के लिए प्रियंका सिंह रावत और श्रुति गंगवार के रूप में दो महिला चेहरों को आगे किया गया है।
क्यों कटे बड़े नाम?
पिछले कुछ दिनों से कयास लगाए जा रहे थे कि पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, कवि कुमार विश्वास, वरुण गांधी और पूर्व मंत्री संजीव बालियान को राज्यसभा भेजा जा सकता है। इसके अलावा वर्तमान राज्यसभा सांसद हरदीप सिंह पुरी और बी. एल. वर्मा का दोबारा जाना तय माना जा रहा था। हालांकि, भाजपा नेतृत्व ने इन सभी चर्चाओं पर विराम लगाते हुए जमीनी कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय संतुलन को वरीयता दी है।
चुनाव का गणित और समय-सारणी
▪︎नामांकन व मतदान: 12 राज्यों की राज्यसभा सीटों के साथ उत्तर प्रदेश की 10 सीटों पर 16 अक्टूबर को मतदान होगा।
▪︎ सीटों का आंकड़ा: उत्तर प्रदेश विधानसभा में विधायकों की मौजूदा संख्या बल के आधार पर भाजपा गठबंधन की 8 सीटों पर आसान जीत तय मानी जा रही है, जबकि विपक्षी समाजवादी पार्टी (सपा) के खाते में 2 सीटें जाने की संभावना है।
▪︎ कार्यकाल: निवर्तमान सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को

