देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और उनके सेवा काल के २५ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ‘स्वच्छता ही सेवा २०२६ – सेवा संकल्प अभियान’ प्रारंभ किया गया है। इसी के अंतर्गत उपमहापौर दशरथ भगत के मार्गदर्शन में “सुगंधित शहर अभियान” के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए वाशी प्रभाग क्र. १८ के सभी नागरिकों, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, सोसायटियों के पदाधिकारियों, स्वच्छतादूतों, नवी मुंबई मनपा के विभिन्न विभागों तथा फेरीवालों के बीच बेहतर समन्वय और संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से वाशी में एक संयुक्त समन्वय बैठक का आयोजन किया गया।
इस समन्वय बैठक में आरोग्य समिति सभापति डॉ. जयाजी नाथ, नगरसेवक निशांत भगत, नगरसेविका प्रीति संदीप भगत, संदीप भगत, लोकशाहीर व पार्श्वगायक संदेश विट्ठल उमप विशेष रूप से उपस्थित थे।
बता दे की दशरथ भगत के माध्यम से राज्य के वनमंत्री गणेश नाईक के जन्मदिन के उपलक्ष्य में , उनके भावना और विचारो को आत्मसात करते हुए – सुगंधित शहर अभियान – आंगण दत्तक योजना” प्रारम्भ की गयी थी – जिससे आज असंख्य लोगो जुड़ रहे हो.
ऐसे में इसे एक व्यापक स्वछता का जनांदोलन बनाने के साथ स्वच्छता में नवी मुंबई शहर को देश में प्रथम स्थान पर ले जाने के लिए शुरू किए गए “सुगंधित शहर अभियान – आंगण दत्तक योजना” के तहत सेवा देने वाले कर्मचारियों, अधिकारियों और प्रभाग के जागरूक नागरिकों को एक मंच पर लाकर यह बैठक बुलाई गई थी।
इस दौरान दशरथ भगत ने प्रभाग क्रमांक १८ के सभी घटकों को संबोधित करते हुए अभियान की जानकारी दी। उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है कि प्रभाग १८ स्थित वाशी गांव, सानपाड़ा, सोनखार क्षेत्र के रास्तों, फुटपाथों, उपेक्षित एवं खाली पड़ी जगहों को नागरिक दत्तक लें। वहां पौधारोपण कर सुगंधित और स्वच्छ वातावरण का निर्माण करें तथा उसका संरक्षण करें। प्रभाग को इतना साफ रखें कि यह केवल शहर या राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश के सामने एक नई मिसाल कायम करे।”
कार्यक्रम के दौरान लोगों को अभियान से जोड़ने और जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक “जनजागरूकता नुक्कड़ नाटक” भी प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर सभी ने मिलकर अपने परिसर की स्वच्छता की जिम्मेदारी लेने, अपने आंगन को सुगंधित बनाने, उसे दत्तक लेने और एक नई मिसाल कायम करने का संकल्प लिया।
मीडिया से बात करते हुए नगरसेवक निशांत भगत ने कहा, “इस अभियान के आयोजन का मुख्य उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से प्रभाग के नागरिकों को एक मंच पर लाना और अपने आसपास के आंगन को गोद लेकर एक आदर्श शहर की मिसाल कायम करना है।” उन्होंने आगे कहा, दशहरे तक प्रभाग क्रमांक १८ के सभी घटक अपने परिसर के रास्तों और फुटपाथों को दत्तक लेंगे और इस अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करेंगे।
इसके साथ ही उन्होंने वनमंत्री गणेश नाईक के २५ वर्षों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें नवी मुंबई के ‘पालक’ की उपाधि दी। उन्होंने कहा कि अब ‘शहर सेवा लाभार्थी’ के रूप में सभी को एक ही प्रण लेना है — “न कचरा डालेंगे, और न ही डालने देंगे!”

